मेंचिन ने पहले अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में लेख लिख कर साफ कर दिया था कि वे राष्ट्रपति बाइडन के सॉफ्ट इन्फ्रास्टक्चर पैकेज का समर्थन नहीं करेंगे। बीते रविवार को उन्होंने अखबार वाशिंगटन पोस्ट में लेख लिख कर वही बात दोहरा दी। क्रिस्टीन सिनेमा हालांकि इस मसले पर उनके जितना मुखर नहीं हैं, लेकिन उन्होंने भी साफ कहा है कि वे सरकारी खजाने से 3.5 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने का समर्थन नहीं करेंगी।
वेबसाइट पॉलिटिको.कॉम के मुताबिक ताजा घटनाओं से डेमोक्रेटिक पार्टी में गहरी बेचैनी है। इस वेबसाइट के मुताबिक उसने कई डेमोक्रेटिक सीनेटरों से इस मामले में प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। उनमें से एक मार्टिन हेनरिक ने सिर्फ यह कहा कि 3.5 ट्रिलियन डॉलर का पैकेज अमेरिकी जनता के बीच बहुत लोकप्रिय है। उधर सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने सिर्फ कहा कि ये पैकेज पारित कराने के लिए ‘हमें सभी 50 डेमोक्रेटिक सीनेटरों के समर्थन की जरूरत होगी।’ 100 सदस्यीय सीनेट में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों के 50-50 सदस्य हैं। लेकिन उप-राष्ट्रपति के एक अतिरिक्त वोट के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत है।
विश्लेषकों का कहना है कि जिस तेजी से डेमोक्रेटिक पार्टी के मध्यमार्गी और दक्षिणपंथी सांसद राष्ट्रपति के एजेंडे के खिलाफ सामने आ रहे हैं, उससे पार्टी की मुसीबत बढ़ रही है। अगर ये एजेंडा पारित नहीं हुआ, तो अगले चुनाव में जनता के पास लेकर जाने के लिए पार्टी के पास कुछ भी नहीं रहेगा।