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US: 'अधिकतर देशों के लिए फंदा बनी चीन की BRI योजना, इसे चुनौती देने के लिए G7 के साथ कर रहे काम', बोले बाइडन

Thu, 26 Oct 2023 08:03 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि उनका देश सऊदी अरब को यूरोप से जोड़ने वाले रेलमार्ग सहित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के जरिए चीन के प्रोजेक्ट से प्रतिस्पर्धा करेगा। 
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Joe Biden - फोटो : Social Media
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विस्तार
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चीन ने लगभग एक दशक से अपने 'बेल्ट एंड रोड' प्रोजेक्ट में अरबों डालर खर्च कर दिए हैं। अब अमेरिका इस प्रोजेक्ट से प्रतिस्पर्धा करने के लिए जी-7 के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम कर रहा है।   

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि उनका देश सऊदी अरब को यूरोप से जोड़ने वाले रेलमार्ग सहित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के जरिए चीन के प्रोजेक्ट से प्रतिस्पर्धा करेगा। बता दें, जी-7 में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका शामिल हैं।

सितंबर में हुआ था जी-20 शिखर सम्मेलन

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सितंबर में जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बाइडन के नेतृत्व में दुनिया के प्रमुख नेताओं ने महत्वाकांक्षी भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा शुरू करने की घोषणा की थी। बाइडन ने इस दौरान बताया था कि वह बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट से प्रतिस्पर्धा करने जा रहे हैं। 

चीन की योजना बनी फंदा
बाइडन ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ रोज गार्डन में पत्रकारों से कहा, ‘हम उस (बेल्ट एंड रोड पहल) पर प्रतिस्पर्धा करने जा रहे हैं और हम इसे एक अलग तरीके से कर रहे हैं। बेल्ट एंड रोड पहल कर्ज में डूब गई है और अधिकांश लोगों (राष्ट्रों) के लिए एक फंदा बन गई है, जिन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए हैं।’ उन्होंने कहा कि वे जी-7 के भागीदारों के साथ काम कर रहे हैं ताकि उन देशों के लिए बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जा सके। 

बाइडन ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'उदाहरण के तौर पर जी-20 में हम रियाद से पश्चिम एशिया, सऊदी अरब, इस्राइल, यूनान होते हुए रेल मार्ग नहीं बल्कि भूमध्यसागर से यूरोप तक पाइपलाइन बनाने के प्रस्ताव पर काम करने में सफल रहे।’

चीन के साथ कोई युद्ध नहीं

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, 'मैंने इस बारे में बात की कि हम अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, आर्थिक, राजनीतिक और अन्य तरीकों से चीन के साथ हर तरह से प्रतिस्पर्धा करने जा रहे हैं, लेकिन मैं संघर्ष नहीं देख रहा हूं।’

ऑस्ट्रेलियाई पीएम से संबंधित सवालों की बौछार
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज अगले महीने चीन जा रहे हैं। इस पर बाइडन से पूछा गया था कि आप ऑस्ट्रेलिया के साथ चीन के फिर से जुड़ने के बारे में क्या सोचते हैं? और क्या ऑस्ट्रेलिया बीजिंग पर भरोसा कर सकता है और क्या ऑस्ट्रेलिया चीन के साथ व्यापार कर सकता है?

मैंने 68 घंटे से अधिक बैठकें की हैं...
बाइडन ने कहा कि विश्वास करो, लेकिन पहले उसको सत्यापित कर लो, उसकी अच्छे से जांच कर लो यह नियम है। उन्होंने कहा कि देखिए, चीन की अभी अपनी आंतरिक और बाहरी कठिनाइयां हैं। चीन की आर्थिक वृद्धि पहले की तुलना में स्थिर है। उन्होंने कहा, 'लेकिन तथ्य यह है कि मैंने शी चिनफिंग से दुनिया के किसी भी अन्य नेता से ज्यादा मुलाकात की है। मैंने 68 घंटे से अधिक समय तक निजी बैठकें की हैं। एक साथ दुभाषियों की शुरुआत तब हुई थी, जब मैं उपराष्ट्रपति था क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए उपराष्ट्रपति के साथ बैठक करना उचित नहीं था।’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले हफ्ते उन्होंने अमेरिकी जरूरतों को पूरा करने के लिए पनडुब्बी उत्पादन एवं रखरखाव को बढ़ावा देने और एयूकेयूएस का समर्थन करने के लिए 3.4 अरब डॉलर का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया इस सौदे के तहत अमेरिका और पनडुब्बियों के उत्पादन की अपनी क्षमता में महत्वपूर्ण निवेश कर रहा है।
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