इस्राइल पर हमला करने वाले आतंकी संगठन हमास का नाम भूलने के कारण अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन की किरकिरी हो रही है। बाइडन ने भाषण के दौरान हमास को 'विपक्षी आंदोलन' (Opposition Movement) करार दिया। उन्होंने हमास का नाम भूलने को लेकर खेद भी प्रकट किया। बाइडन राजनीतिक कारणों से भी विपक्षी दलों के निशाने पर हैं। बता दें कि डेमोक्रेट उम्मीदवार बाइडन को उनके प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप कमजोर प्रशासक बताते हैं। रिपब्लिकन नेता ट्रंप कई अवसरों पर आयु को लेकर भी बाइडन की खिल्ली उड़ाते देखे जा चुके हैं।
बाइडन हमास से जुड़े सवाल पर हकलाने लगे- VIDEO
ताजा घटनाक्रम में बाइडन का खेद प्रकट करना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष के बीच अमेरिका ने इस्राइल का साथ देने का एलान किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमास ने जिन नागरिकों को बंधक बनाया है उन्हें रिहा करने को लेकर इस्राइल के साथ चर्चा से जुड़े एक सवाल का जवाब देते समय बाइडन हमास का नाम भूल गए। खबरों के मुताबिक इस सवाल का जवाब देते समय बाइडन हकलाने लगे और हमास का नाम भूल गए।
ट्रंप और बाइडन के बीच कांटे की टक्कर
गौरतलब है कि बीते चार महीने से जारी युद्ध में अब तक 27,700 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कसम खाई है कि वे हमास को नेस्तनाबूंद करने तक चैन की सांस नहीं लेंगे। कई बार युद्ध विराम की अंतरराष्ट्रीय अपील को भी बाइडन सिरे से खारिज कर चुके हैं।
हमास के कब्जे से बंधकों की रिहाई पर राष्ट्रपति बाइडन क्या बोले
81 साल के बाइडन ने कहा कि मुझे सोचने दीजिए। मैं नहीं चाहता। विपक्ष की तरफ से कुछ प्रतिक्रिया आई है। हताशा और बेबसी से घिरे बाइडन ने अपनी बाईं तरफ देखा। इस पर एक रिपोर्टर ने उन्हें याद दिलाया कि वह आतंकी संगठन हमास के बारे में बातें कर रहे हैं। पत्रकार की तरफ से इस्राइल और हमास के युद्ध का जिक्र होने पर बाइडन ने कहा 'हां, मुझे खेद है.. हमास की ओर से।' उन्होंने गाजा में प्रस्तावित संघर्ष विराम समझौते पर हमास की प्रतिक्रिया को 'अतिशयोक्तिपूर्ण' करार दिया। बंधकों की रिहाई पर राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, किसी ठोस दिशा के बारे में जानकारी नहीं, लेकिन अमेरिका बातचीत जारी रखेगा।
डेमोक्रेट उम्मीदवार ने भी शेयर किया वीडियो
बाइडन की इस गलती पर डीन फिलिप्स ने वीडियो को एक्स पर शेयर किया। उन्होंने कहा, ऐसे बयान देकर बाइडन देश को एक आपदा की तरफ ले जा रहे हैं। आप इसे अच्छी तरह जानते हैं। बता दें कि फिलिप्स, डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की रेस में शामिल हैं। वे बाइडन को चुनौती दे रहे हैं।
बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार की खौफनाक मिसाल
उन्होंने कहा, 'मैं हमारे राष्ट्रपति की प्रशंसा करता हूँ। मैंने उन्हें वोट दिया और उनके लिए प्रचार किया।' फिलिप्स ने कहा, बाइडन मेरे घर आए। परिवार और देश के प्रति दयालु भी रहे, लेकिन सब कुछ ठीक होने का दिखावा करने वाले लोगों को शर्म आनी चाहिए। सोशल मीडिया यूजर्स के कमेंट्स को दुखद और डरावना बताते हुए फिलिप्स ने कहा, वे बाइडन की नीतियों और आयु को देखते हुए उनका समर्थन नहीं करते, लेकिन हकलाने वाले वीडियो का इस्तेमाल कर जो हो रहा है वह भयानक है। उन्होंने इस घटना को बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार करार दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए आयु सीमा के निर्धारण का आह्वान
उन्होंने सवाल किया, राष्ट्रपति बनने के लिए अमेरिका में न्यूनतम आयु की शर्त है, लेकिन अधिकतम आयु तय क्यों नहीं की गई है? उन्होंने उम्र के भेदभाव से पूरी तरह छुटकारा पाकर कांग्रेस, सीनेट और राष्ट्रपति पद के लिए ऊपरी और निचली आयु सीमा निर्धारित करने का आह्वान भी किया।
पहले भी हो चुकी है आलोचना
बता दें कि बाइडन इससे पहले भी नेटिजन्स के निशाने पर आ चुके हैं। बाइडन इसी हफ्ते की शुरुआत में फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रों के साथ थे, लेकिन उन्होंने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रेंकोइस मिटर्रैंड (कार्यकाल 1981-1995) का नाम लिया। बता दें कि मिटर्रैंड की लगभग तीन दशक पहले मृत्यु हो चुकी है। व्हाइट हाउस ने भी बाइडन की गलती स्वीकार की थी। रिपब्लिकन खेमा बाइडन की उम्र और मानसिक फिटनेस को लेकर मुखर आलोचना कर रहा है। भाषण के दौरान लड़खड़ाती आवाज के अलावा शारीरिक कमजोरी के कारण भी वे लड़खड़ाते दिखे। एयर फ़ोर्स वन की सीढ़ियों पर गिरने जैसी घटना को बाइडन के विरोधी अक्षमता के प्रमाण के रूप में पेश कर रहे हैं।