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केवल 4.4 एमबी की फाइल से चोरी किया गया था जेफ बेजोस का 4.6 जीबी तक डाटा

Fri, 24 Jan 2020 06:52 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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विश्व के सबसे अमीर व्यक्ति व अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस के आईफोन में व्हाट्सएप पर भेजे गए 4.4 मेगाबाइट्स आकार के वीडियो में छिपी छोटी सी फाइल से हैक किया गया। यह मात्र 14 बाइट्स की यह फाइल मालवेयर सॉफ्टवेयर थी, जो उनके फोन में इंस्टॉल हो गया।

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इसने फोन में मौजूद समस्त डाटा की इंटरनेट के जरिए चोरी संभव कर दी। यह खुलासा जेफ द्वारा फोन हैकिंग मामले की जांच के लिए लगाए गए विशेषज्ञों ने किया है। विशेषज्ञों की फॉरेंसिक रिपोर्ट का उल्लेख संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार शाखा द्वारा जारी ताजा लेख में किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार जेफ के आईफोन-10 पर एक मई 2018 को सऊदी अरब के राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान केे वॉट्सएप अकाउंट से एक मैसेज आया, जिसमें सऊदी अरब और स्वीडन के झंडे और अरबी भाषा में टेक्स्ट लिखा था।
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दोनों ने एक महीने पहले चार अप्रैल 2018 एकदूसरे से अपने फोन नंबर साझा किए थे और व्हाट्सएप नंबर सेव किए थे। जेफ के इस संदेश को खोलने के तुरंत बाद उनके फोन से भारी मात्रा में डाटा दूसरी लोकेशनों पर जाने लगा।

अगले कुछ महीनों में आईफोन से 4.6 गीगा बाइट तक डाटा किसी अन्य लोकेशन पर भेज दिया गया। पहले जहां औसतन डाटा अपलोड की गति 430 केबी थी, इस वीडियो के बाद यह 126 एमबी तक पहुंच गई। इस दौरान उनकेे ईमेल और वेब अपलोड, फोन और क्लाउड स्टोरेज भी खंगाले गए।

रिपोर्ट में आरोप हैं कि एक प्राइवेट साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ के जरिए जैफ की जासूसी के लिए यह सब करवाया गया। जेफ बेजोस द वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक हैं, जिसके पत्रकार जमाल खाशोगी की हत्या के आरोप सऊदी सरकार पर लगे हैं। इस पूरे प्रकरण पर जेफ या अमेजन ने कोई बयान जारी नहीं किया है।

दूसरी ओर वॉट्सएप की मालिक कंपनी फेसबुक या फेसबुक संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने भी चुप्पी साध रखी है। सऊदी अरब इन आरोपों के खंडन के अपने रुख पर कायम है।

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खाशोगी के अंतिम संस्कार की तस्वीर जैफ ने की पोस्ट

सऊदी अरब के राजकुमार द्वारा जेफ बेजोस का फोन हैक करने के आरोपों का अगला दिन खासे हंगामे भरा रहा। जेफ ने अपने अखबार वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार जमाल खाशोगी के अंतिम संस्कार की 2018 की एक फोटो साझा की जिसमें वे खाशोगी के ताबूत को हाथ से छू रहे हैं।

खाशोगी की हत्या सऊदी अरब सरकार द्वारा करवाने के आरोप लगे थे। इसे जेफ द्वारा अपनी नाखुशी जताने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

वॉट्सएप की असुरक्षा सामने आई

दोषी कोई भी साबित हो, लेकिन अब इस पूरे प्रकरण से एक बार फिर वॉट्सएप के असुरक्षित होने की बात साबित हुई है। बीते वर्ष अक्तूबर में वॉट्सएप ने अमेरिकी अदालत में एनएसओ समूह के खिलाफ केस किया था। उसका दावा था कि यह समूह पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए वॉट्सएप को हैक करने पर काम कर रहा है।

खास बात है कि एनएसओ की सेवाएं सऊदी अरब के कई अधिकारी ले रहे हैं। वॉट्एसप ने बाद में अपडेट के जरिए सुरक्षा की कमी को दूर किया था, लेकिन जानकारों के अनुसार यह चूहे-बिल्ली के खेल की तरह है, जहां हैकर पूरी तन्मयता से वॉट्सएप और दूसरे प्लेटफॉर्म को हैक करने के जरिए तलाशते रहते हैं। 
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