जापान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में क्यूशू द्वीप पर स्थित माउंट शिन्मोए में गुरुवार को जोरदार ज्वालामुखी विस्फोट हुआ। इस विस्फोट में ज्वालामुखी से 5,500 मीटर ऊंचाई तक राख का गुबार उठता हुआ देखा गया। यह जानकारी जापान के मौसम विज्ञान विभाग ने दी है। एजेंसी ने बताया कि यह पहली बार है जब तीन जुलाई के बाद इतना ऊंचा राख का गुबार देखा गया। इससे पहले 22 जून को यह ज्वालामुखी करीब 6 साल बाद सक्रिय हुआ था। पिछली बार यह जून 2018 में फटा था।
बता दें कि ज्वालामुखी के बढ़ते खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट लेवल तीन जारी रखा है, जो पांच के पैमाने पर है। ऐसे में लेवल तीन का मतलब होता है कि लोगों को ज्वालामुखी के पास जाने से रोका गया है, खासकर मियाजाकी और कागोशिमा प्रांतों में, जहां यह ज्वालामुखी स्थित है।
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माउंट शिन्मोए लगातार निगरानी वाे ज्वालामुखियों में शामिल
देखने वाली बात ये है कि माउंट शिन्मोए, मियाजाकी और कागोशिमा प्रांतों की सीमा पर स्थित है और यह जापान के उन 50 सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है, जिनकी लगातार निगरानी की जाती है। ऐसे में मौसम एजेंसी ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे ज्वालामुखी के आसपास न जाएं, क्योंकि और भी छोटे-बड़े विस्फोट हो सकते हैं और ज्वालामुखी की राख व पत्थर दूर तक गिर सकते हैं।
जापान सरकार ने जारी किया एआई का अनोखा वीडियो
ज्वालामुखी विस्फोट को लेकर बढ़ते चिंता के बीच जापान सरकार ने हाल ही में एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बना चेतावनी वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि अगर माउंट फूजी में कभी विस्फोट होता है तो टोक्यो शहर में क्या असर हो सकता है। वीडियो में दिखाया गया है कि फूजी पर्वत से धुएं के बड़े-बड़े बादल उठते हैं और कुछ ही समय में ज्वालामुखीय राख टोक्यो तक पहुंच जाती है। इससे हवा धुंधली हो जाती है और इमारतों व गाड़ियों पर राख की मोटी परत जम जाती है।
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क्या दिखाया गया वीडियो में?
वीडियो में दिखाया गया है कि एक व्यस्त सड़क पर एक महिला को अचानक फोन पर इमरजेंसी अलर्ट मिलता है कि माउंट फूजी में विस्फोट हो गया है, जिसके बाद केवल दो घंटे में टोक्यो तक राख पहुंच सकती है और इससे स्वास्थ्य पर खतरा, बिजली व यातायात व्यवस्था में रुकावट और खाद्य आपूर्ति में बाधा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। साथ ही वीडियो में बताया गया है यह क्षण बिना किसी चेतावनी के भी आ सकता है। इसके लिए तैयार रहने की आवश्यकताओं पर जोर दिया गया है।
वीडियो जारी कर जागरूकता बढ़ाने पर जोर
यह वीडियो टोक्यो मेट्रोपॉलिटन गवर्नमेंट के डिजास्टर प्रिवेंशन डिवीजन द्वारा रविवार को जारी किया गया। इसके अलावा, मंगलवार को जापान के 'ज्वालामुखी आपदा रोकथाम दिवस' के मौके पर सरकार के कैबिनेट कार्यालय ने एक और सिमुलेशन वीडियो जारी किया। इसका उद्देश्य लोगों को यह दिखाना है कि ऐसी आपात स्थिति में कैसे तैयार रहें।
जापान एक भूकंप और ज्वालामुखी प्रभावित देश
गौरतलब है कि जापान एक भूकंप और ज्वालामुखी प्रभावित देश है क्योंकि यह प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में आता है, जो दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्र है। सरकार ने पिछले साल से चेतावनी संदेशों और जागरूकता अभियानों को और तेज किया है ताकि लोग पहले से मानसिक और भौतिक रूप से तैयार रह सकें।