सुगा पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री बने थे। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने खराब सेहत के कारण पद छोड़ने का एलान किया था। जापानी मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक लोकप्रियता गिरने से पार्टी के अंदर कमजोर होती अपनी हैसियत को संभालने की सुगा ने पूरी कोशिश की। इसी सिलसिले में बीते हफ्ते उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के विस्तार की योजना बनाई थी। उनकी योजना निकई को भी मंत्री बनाने की थी। लेकिन अब उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार की योजना छोड़ दी है।
खबर है कि पूर्व गृह और संचार मंत्री सनाए ताकाईची भी नेता पद का चुनाव लड़ेंगी। गुरुवार को उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा था कि अगर उनके सामने मंत्री बनने का प्रस्ताव रखा गया, तो वे उसे स्वीकार नहीं करेंगी। बताया जाता है कि ऐसे ही संकेत कई और नेताओं ने दिए। इसके बाद सुगा ने मंत्रिमंडल विस्तार की योजना छोड़ दी। उधर एलडीपी की शाखाओं के परिसंघ की महासचिव युसुके दोई ये साफ-साफ कह दिया कि परिसंघ सुगा के पक्ष में प्रचार नहीं करेगा। इन नेताओं के इस रुख से उन्हें संकेत मिल गया कि उनके पांव के नीचे से जमीन खिसक गई है।
पिछले साल नेता पद के चुनाव में सुगा विजयी रहे थे। बताया जाता है कि तब निकई ने उनका समर्थन किया था, जो निर्णायक साबित हुआ। इसीलिए अब निकई को नेता पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार समझा जा रहा है। इसके अलावा फुमियो किशिदा भी एक मजबूत दावेदार होंगे। किशिदा पिछले साल सुगा से हार गए थे।