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Jaishankar: ब्रुसेल्स में जयशंकर बोले- भारत ने ईयू के साथ रिश्तों को दी उच्च प्राथमिकता, FTA पर भी कही अहम बात

Thu, 12 Jun 2025 03:15 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स

सार

ब्रुसेल्स फोरम में विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मजबूत होते संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत-ईयू रिश्ते अहम हैं और भारत हर देश से संतुलित व लाभदायक संबंध चाहता है। साथ ही उन्होंने अमेरिका-ईयू व्यापार विवाद पर भारत की संतुलित नीति बताई। 

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विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : एक्स@DrSJaishankar
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विस्तार
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भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को ब्रुसेल्स में 'जर्मन मार्शल फंड ब्रुसेल्स फोरम 2025' में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मजबूत होते संबंधों पर जोर दिया। जयशंकर ने कहा कि भारत, यूरोपीय संघ के साथ अपने रिश्तों को बहुत उच्च प्राथमिकता देता है। साथ ही उन्होंने पिछले एक दशक में यूरोप को लेकर भारत की बढ़ती दिलचस्पी को रेखांकित किया।

भारत-ईयू के बीच जल्द हो सकता है एफटीए 

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को लेकर उम्मीद जताई कि यह समझौता साल के अंत तक पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम अपने रिश्तों को गहराई देने के इच्छुक हैं और इसका केंद्र बिंदु एफटीए है। जयशंकर ने बताया कि फरवरी में कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स की भारत यात्रा के बाद से इस दिशा में काफी काम हुआ है और अब यह समझौता पूरा करना मुमकिन दिख रहा है।

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अमेरिका-ईयू व्यापार विवाद पर भारत का संतुलन
अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव पर जयशंकर ने कहा कि भारत दोनों देशों के साथ अपने रिश्तों को अहम मानता है और वह हर देश से ऐसे रिश्ते बनाएगा जो दोनों के लिए फायदेमंद हों। उन्होंने कहा कि यूरोप की कई मुद्दों पर अपनी अलग सोच है जो अमेरिका से मेल नहीं खाती, और यह एक हकीकत है। साथ ही जयशंकर ने बताया कि इस दौरे में शिक्षा, टैलेंट और लोगों की आवाजाही जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक बातचीत हुई है।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत की शांति की अपील
इसके अलावा रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर भी जयशंकर ने बातचीत की। उन्होंने इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत की पुरानी स्थिति दोहराई कि किसी भी देश के बीच मतभेद युद्ध से नहीं सुलझाए जा सकते। उन्होंने कहा कि समाधान बातचीत से निकलता है, युद्ध के मैदान से नहीं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भले ही 2022 में यह विचार दुनिया में ज़्यादा मान्यता नहीं पा सका था, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस सोच की अहमियत समझने लगा है।

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ईयू अधिकारियों के साथ कई सकारात्मक बैठकें

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गौरतलब है कि इन दिनों विदेश मंत्री एस जयशंकर अपने ब्रुसेल्स के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने यूरोपीय यूनियन के कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों में भारत-ईयू साझेदारी के कई अहम पहलुओं पर सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है।

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