विदेश मंत्री एस जयशंकर शनिवार को सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब पहुंचे हैं। यहां उन्होंने रियाद में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार के वंदे भारत मिशन के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत कोरोना काल में दुनिया भर से 70 मिलियन लोगों की देश वापसी कराई गई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसा आज तक किसी देश ने नहीं किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज जब कहीं भी कोई समस्या होती है तो वह भारत की ओर देखती है।
वंदे भारत मिशन के बारे में बताया
उन्होंने बताया कि इससे पहले इसे पहले खाड़ी युद्ध के दौरान इराक और कुवैत के बीच शत्रुता की शुरुआत में 1990 के दशक की शुरुआत में खाड़ी क्षेत्र से 177,000 लोगों को निकालने के बाद से भारतीय नागरिकों को वापस लाने का सबसे बड़ा अभ्यास माना जाता है, लेकिन कोरोना काल में भारत ने वंदे भारत मिशन चलाकर अपने नागरिकों की देश वापसी सुनिश्चित की।
इस दौरान उन्होंने बताया कि मिशन के दौरान उन लोगों की देश वापसी पहले सुनिश्चित की गई, जिनकी नौकरी या रोजगार समाप्त हो गया था या जिनके वीजा की अवधि समाप्त हो गई थी और कोरोना के कारण उसके रिनूवल कराने के हालात नहीं थे। उन्होंने यह भी बताया कि खास तौर पर सबसे पहले उन लोगों को देश वास ले जाया गया जिन्होंने उस समय परिवार के सदस्यों को खो दिया था।
भारत-सऊदी अरब संबंधों को सराहा
इस दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ते संबंधों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान हम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और नजदीक आए हैं। कोरोना काल में दुनिया ने हमारी मित्रता देखी। उन्होंने अपने संबोधन में कोरोना काल में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए सऊदी अरब का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सऊदी अरब हमारा बहुत बड़ा मददगार साबित हुआ। सऊदी अरब ने हमें निरंतर ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रदान की। इस दौरान उन्होंने भारत के कोरोना टीकाकरण अभियान के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि हमने इस महामारी से लड़ते हुए खुद कोरोना के टीके बनाए और देशवासियों को इसके प्रति जागरुक किया। साथ ही उन्होंने कहा कि हमने दुनिया के तमाम मुल्कों को कोरोना टीके देकर उनकी मदद भी की। दोनों देशों के बीच संबंधों में प्रवासी भारतीयों की अहम भूमिका के बारे में बोलते हुए उन्होंने रियाद में भारतीय समुदाय की सराहना की।
दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा भारत
सऊदी अरब में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि यूक्रेन संकट से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद हमें विश्वास है कि कम से कम 7 प्रतिशत वृद्धि के साथ भारत इस साल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि यह देखते हुए कि दुनिया यूक्रेन संकट के कई नतीजों जैसे तेल की बढ़ती कीमतों का सामना कर रही है, हमें पूरा विश्वास है कि भारत इस साल दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था होगा। अपने संबोधन के दौरान एस जयशंकर ने जोर देते हुए कहा कि भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को विकसित करने और उच्च आय वाले देश बनने की दिशा में कड़े प्रयास किए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत उन तरीकों के बारे में सोचता है जिससे वह अपनी क्रेडिट, बैंकिंग, शिक्षा और श्रम नीति को बदल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत में कई बड़े सुधार हुए हैं। जिसके फलस्वरूप ही 31 मार्च, 2021 को समाप्त होने वाले वर्ष में भारत ने अब तक का सबसे अधिक निर्यात किया है। हमारा कुल निर्यात 670 बिलियन अमरीकी डालर था।
विदेश मंत्री बनने के बाद पहली सऊदी अरब यात्रा
गौरतलब है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर शनिवार यानी आज ही सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा पर राजधानी रियाद पहुंचे हैं। यहां वह भारत-सऊदी अरब रणनीतिक साझिदारी परिषद की रूपरेखा के तहत स्थापित राजनीतिक, सुरक्षा, सामाजिक, सांस्कृतिक सहयोग समिति की पहली बैठक की सह अध्यक्षता करेंगे। उनकी यात्रा के बारे में विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि विदेश मंत्री बनने के बाद एस जयशंकर की यह सऊदी अरब की पहली आधिकारिक यात्रा है। इस दौरान दोनों देशों के नेता द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे और पीएसएससी समिति के चार संयुक्त कार्य समूहों राजनीतिक और काउंसलर के तहत प्रगति पर चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया, पिछले कुछ महीनों में इन समूहों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें हुई हैं। कहा गया है कि दोनों पक्ष संयुक्त राष्ट्र, जी20 और जीसीसी में अपने सहयोग सहित आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।
मंत्रालय ने कहा कि भारत-सऊदी अरब संबंध पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक, सुरक्षा, ऊर्जा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, सांस्कृतिक और रक्षा क्षेत्रों सहित काफी मजबूत हुए हैं।