इस कानून के पारित होते ही सरकार ने अल जजीरा के इस्राइल में प्रसारण पर रोक लगा दी है। नेतन्याहू ने इस समाचार चैनल पर इस्राइली सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने, सात अक्तूबर के हमास हमलों में भाग लेने सहित हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समाचार चैनल अल जजीरा के प्रसारण पर रोक लगा दी है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो उन्होंने अल जजीरा को आतंकी चैनल बताया है और कहा कि अब देश में इसको प्रसारित नहीं किया जायेगा। सोमवार को संसद ने एक कानून पारित किया, जिसके बाद नेतन्याहू ने इस चैनल को बंद करने का फैसला किया।
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इस कानून के पारित होते ही सरकार ने अल जजीरा के इस्राइल में प्रसारण पर रोक लगा दी है। नेतन्याहू ने इस समाचार चैनल पर इस्राइली सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने, सात अक्तूबर के हमास हमलों में भाग लेने सहित हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
नेतन्याहू ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘आतंकी चैनल अल जजीरा अब इस्राइल में प्रसारित नहीं होगा। चैनल की गतिविधियों को रोकने के लिए नए कानून के तहत तुरंत कार्रवाई करना मेरा संकल्प है।'
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इस्राइली संचार मंत्री का भी सामने आया बयान
इसके अलावा एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस्राइल के संचार मंत्री श्लोमो करही ने कतर स्थित अल जजीरा को 'हमास की प्रचार शाखा' बताया है। उन्होंने कहा, 'इस्राइल में सरकारी प्रेस कार्यालय से प्रेस क्रेडेंशियल्स के साथ एक मीडिया आउटलेट को बर्दाश्त करना असंभव है, जो निश्चित रूप से युद्ध के दौरान हमारे खिलाफ काम करे।' हालांकि यह स्पष्ट नहीं था कि क्या इस्राइल इस चैनल को बंद कर देगा।
व्हाइट हाउस ने भी जताई चिंता
वहीं व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने अल जजीरा पर लगे आरोपों को चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा, 'हम प्रेस की स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं। अगर ये रिपोर्ट सच हैं, तो यह हमारे लिए चिंता का विषय है।'
गौरतलब है कि इस्राइल ने युद्ध के कवरेज पर अल जजीरा को बंद करने की धमकी दी है। अल जजीरा कतर के स्वामित्व वाली कंपनी है और यह इस्राइल की खास आलोचना करती है, खासकर फलस्तीनियों के प्रति उसके व्यवहार की।