विश्वविद्यालयों में लौटकर खुश हैं भारतीय छात्र : वैश्विक सर्वेक्षण
भारतीय छात्रों का मानना है कि कोविड-19 महामारी के कारण वे विश्वविद्यालय के माहौल का अनुभव नहीं ले पाए और अधिकतर छात्र पढ़ाई के लिए यहां लौटने पर अच्छा महसूस कर रहे हैं। इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है।
एक नए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। शिक्षा प्रौद्योगिक कंपनी ‘चेग’ की गैर लाभकारी इकाई ‘चेगडॉटओआरजी’ द्वारा प्रकाशित ‘ग्लोबल स्टूडेंट सर्वे 2022’ के अनुसार तीन चौथाई से अधिक (77 प्रतिशत) भारतीय छात्रों का कहना है कि महामारी ने उन्हें शिक्षा संस्थानों का अनुभव नहीं लेने दिया।
भारतीय छात्रों की यह संख्या सर्वे में शामिल 20 देशों के छात्रों में सर्वाधिक है। करीब 55 फीसदी भारतीय छात्रों के मुताबिक, कॉलेज आने के बाद से उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।
सिंगापुर में अदालत ने लगाई भारतवंशी की फांसी पर रोक
देश की एक अदालत ने मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में दोषी ठहराए गए भारतीय मूल के मलयेशियाई नागरिक दाचिनामूर्ति कतैया (36) की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। कतैया (36) को शुक्रवार को फांसी की सजा दी जानी थी।
कतैया और 12 अन्य मौत की सजा के दोषियों ने अटॉर्नी जनरल के चैंबर्स (एजीसी) के खिलाफ एक दीवानी आवेदन दायर किया था और अपने निजी पत्रों के प्रकटीकरण के खिलाफ हर्जाने की मांग की थी।
दचिनामूर्ति ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष खुद रखा। मामले पर सुनवाई 20 मई को की जाएगी। फैसले के खिलाफ दायर उनकी याचिका फरवरी 2016 में रद्द की जा चुकी थी।