इस्राइल-अमेरिका का ईरान पर संयुक्त हमला।
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अमेरिका और इस्राइल की तरफ से शनिवार सुबह ईरान पर जबरदस्त हमले किए गए। इसके बाद ईरान ने पलटवार करते हुए पश्चिम एशिया में कई क्षेत्रों को निशाना बनाया है। ईरान के निशाने पर इस्राइल के साथ-साथ क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने रहे।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसियों और वैश्विक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्राइल-अमेरिका ने ईरान में करीब पांच शहरों पर हमला बोला। इसके जवाब में ईरान अब तक छह देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर धावा बोला है। आइये जानते हैं ईरान के ये हमले कहां हुए और इससे कितना नुकसान होने की खबरें सामने आ रही हैं...
इस्राइल-अमेरिका ने ईरान पर कहां-कहां किया हमला?
ईरान के पश्चिमी और अन्य हिस्सों में कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इनमें करमनशाह, कोम, इसफहान, तेहरान और करज जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
देश के दक्षिण में कोनारक स्थित ईरानी नौसेना के ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं। इसके अलावा, होरमोजगान प्रांत के मिनाब (Minab) शहर में एक प्राथमिक बालिका विद्यालय (गर्ल्स स्कूल) पर इस्राइली हमले की खबर है। कुर्द क्षेत्र के छोटे से शहर काम्यारान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के एक बेस पर बमबारी की गई है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिमी ईरान के जंजन में भी विस्फोट की सूचना मिली है।
ईरान ने पश्चिम एशिया में कहां-कहां बोला धावा?
अमेरिका और इस्राइल की ओर से किए गए हमलों के जवाब में, ईरान ने पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) में स्थित चार प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं।
1. कतर (अल उदैद एयर बेस): यह पश्चिम एशिया में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य प्रतिष्ठान है। यहाँ 'सेंटकॉम' (Centcom) के फॉरवर्ड कंपोनेंट्स, वायु सेना, विशेष अभियान बल और 379वें एयर एक्सपेडिशनरी विंग मौजूद हैं।
2. कुवैत (अली अल सलेम एयर बेस): यह बेस 386वें एयर एक्सपेडिशनरी विंग की मेजबानी करता है और संयुक्त गठबंधन सेनाओं के लिए एक प्रमुख एयरलिफ्ट हब (हवाई परिवहन और आपूर्ति का मुख्य द्वार) है। यहां अमेरिका के एमक्यू-9 रीपर जैसे शक्तिशाली ड्रोन भी तैनात हैं।
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3. यूएई (अल धफरा एयर बेस): अबू धाबी के दक्षिण में स्थित यह बेस अमेरिकी 380वें एयर एक्सपेडिशनरी विंग का ठिकाना है। यहां 10 विमान स्क्वाड्रन और ड्रोन (जैसे एमक्यू-9) मौजूद हैं, और यह अमेरिकी वायु सेना का उन्नत हवाई युद्ध प्रशिक्षण केंद्र है।
4. बहरीन (अमेरिकी पांचवें बेड़े का बेस): बहरीन की राजधानी मनामा में स्थित यह बेस अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है। इसकी जिम्मेदारी में पूरी खाड़ी, लाल सागर, अरब सागर और हिंद महासागर के हिस्से आते हैं। यह बेस विमान वाहक पोतों जैसे बड़े सैन्य जहाजों को भी समायोजित कर सकता है।
5. इराक (इरबिल में अमेरिकी बेस): इराक के उत्तरी कुर्द क्षेत्र की राजधानी इरबिल में हवाई अड्डे के पास स्थित एक अमेरिकी सैन्य बेस
पर धमाके हुए। वहां मौजूद लोगों ने धमाकों की आवाजें सुनीं और बेस से धुआं उठता हुआ देखा। इसके अलावा दक्षिणी इराक में जर्फ अल-सखर बेस पर हवाई हमले किए गए। यह बेस मुख्य रूप से कतैब हिजबुल्ला नाम के इराकी अर्धसैनिक समूह का ठिकाना है।
6. जॉर्डन: ईरान ने जॉर्डन को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, लेकिन जॉर्डन में इन मिसाइलों के गिरने की कोई खबर नहीं है। बताया गया है कि सेना ने देश की ओर आ रहीं ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।
ईरान के हमलों से हुई तबाही और नुकसान?
यूएई: यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके हवाई रक्षा तंत्र ने कई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, अबू धाबी के एक रिहायशी इलाके में मिसाइल का मलबा गिरने से कुछ भौतिक नुकसान हुआ है और एक एशियाई नागरिक की जान चली गई है।
कतर: कतर ने बताया कि उसने अपने क्षेत्र को निशाना बनाने वाले कई हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया और मिसाइलों को अपनी हवाई सीमा में घुसने से पहले ही मार गिराया। आंतरिक मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन हमलों से कतर में कोई नुकसान नहीं हुआ है।
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बहरीन: बहरीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के सर्विस सेंटर पर मिसाइलों से हमला हुआ है। एक अमेरिकी अधिकारी ने इसे सक्रिय स्थिति बताया है, लेकिन अभी तक तबाही या नुकसान का कोई स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया है।
कुवैत: कुवैत में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और इस हमले की कड़ी निंदा की है, हालांकि रिपोर्टों में वहां से फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
इराक: जर्फ अल-सखर बेस पर हुए हवाई हमले में कतैब हिज्बुल्ला के लड़ाके मारे गए। इन हमलों के बाद कतैब हिज्बुल्ला ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। समूह ने कहा है कि वे जल्द ही अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमले करेंगे इस बड़े सैन्य तनाव और हमलों को देखते हुए एहतियात के तौर पर, इराक के परिवहन मंत्रालय ने देश के हवाई क्षेत्र के बंद कर दिया।
जॉर्डन: मिसाइलों को समय रहते हवा में नष्ट कर (इंटरसेप्ट) देने के कारण जॉर्डन में किसी बड़े नुकसान या जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। जॉर्डन ने अपने क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए इस हमले की कड़ी निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी संप्रभुता की रक्षा करने के अधिकार पर जोर दिया है। अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि अगर भविष्य में कोई और हमला होता है, तो वे अपनी जमीन और नागरिकों की रक्षा के लिए उचित जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ईरान के हमलों के बाद सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी कई बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई। हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह किसी मिसाइल हमले का नतीजा था या सऊदी की पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तरफ से ईरानी मिसाइलों को ध्वस्त किए जाने का।