इस्राइल और हमास का भीषण युद्ध जारी है। हमास द्वारा गाजा पट्टी से सात अक्तूबर को ताबड़तोड़ पांच हजार रॉकेट दागे गए थे। जिसके बाद से ही दोनों के बीच जंग शुरु हो गई। हमास का अस्तित्व खत्म करने की मंशा से इस्राइल लगातार उनके ठिकानों पर मिसाइल दाग रहा है। गाजा स्थित आतंकी संगठन हमास ने बड़ी संख्या में बंकर और सुरंगों का निर्माण किया हुआ है। जिसके दम पर वह इतनी बड़ी हमले को अंजाम दे सकते। लेकिन अब इस्राइल इन सुरंगों को ही बंद करने की योजना बना रहा है। इस्राइल 'स्पॉन्ज बम' के जरिए इन सुरंगों को हमेशा के लिए बंद कर देगा। आईये समझते हैं आखिर 'स्पॉन्ज बम' क्या है?
हमास के सुरंगी ठिकानों पर इस्राइल की नजर
गाजा स्थित हमास आतंकी संगठन को तबाह करने की इस्राइल ने योजना बना दी है। इस्राइल अपने आधुनिक हथियारों के जरिए हमास पर जमकर हमले कर रहा है। जहां एक तरफ मिसाइल के माध्यम से इस्राइल उनके ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं अब वह गाजा स्थित उनके सुरंगों को बंद करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस्राइल स्पॉन्ज बम के जरिए इस कार्य को अंजाम देने की योजना बना रहा है।
क्या है स्पॉन्ज बम?
यह एक तरह का केमिकल आधारित बम है, जो झाग के रूप में निकलता है। केमिकल पदार्थ निकलने के बाद कुछ ही सेकेण्ड में यह झाग पत्थर की तरह कठोर हो जाता है। इसको एक बड़े प्लास्टिक बैग में रखा जाता है। इस बैग को खोलते ही यह तेजी से बाहर निकलता है। जिस स्थान पर इसे खोला जाता वहां पूरे इलाके में सेकेण्ड भर में फैल जाता है। इस्राइल अब इस स्पॉन्ज बम का उपयोग हमास के सुरंगी ठिकानों पर करने जा रहा है। यह एक खास तरह का बम है, जो फटता है लेकिन आवाज नहीं करता बल्कि ढेर सारा झाग निकालता है। साफ है सुरंगों पर इस तरह के बम का इस्तेमाल उन्हें पूरी तरह से बंद कर देगा। हालांकि इस्राइल के लिए यह चुनौती भरा है। क्योंकि इन्हीं सुरंगों की बदौलत आतंकी छुपकर भाग जाते हैं और वहां से छिपकर हमला करते हैं।
स्पॉन्ज बम कैसे करता है काम?
यह एक प्लास्टिक के बैग में होता है। जिसमें अलग-अलग तरह के केमिकल होते हैं। इन केमिकल को एक धातु की रॉड में रखा जाता है। जैसे ही रॉड को हटाया जात है वैसे ही सभी केमिकल आपस में प्रतिक्रिया करते हुए द्रवित पदार्थ का निर्माण करते हैं। जो हवा के संपर्क में आते ही तेजी से फैलने लगता है। गौरतलब है कि यह झाग बाहर आते ही एक सख्त पत्थर की तरह हो जाता है।
पहले भी हो चुका इस पदार्थ का इस्तेमाल
अमेरिकी सेना ने 90 के दशक में सोमालिया में दंगाइयों को रोकने के लिए अल्ट्रा स्टिकी झाग वाली गोलियों का इस्तेमाल किया था। खास बात यह थी कि इन गोलियों से निकलने वाला झाग दंगाईयों के हाथ और पैरों को अचल बना देता था। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया जाता था।