संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी का कहना है कि इस्राइल हमास युद्ध में अब तक गाजा में संयुक्त राष्ट्र के 102 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। साथ ही इस लड़ाई में 27 स्टाफ कर्मचारी घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिलीफ एंड वर्क्स एजेंसी फॉर फलस्तीन रिफ्यूजी ने कहा है कि बीते 24 घंटे में उनका एक कर्मचारी और उसके परिजन उत्तरी गाजा में जारी बमबारी में मारे गए हैं। एजेंसी का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में किसी भी लड़ाई में जान गंवाने वाले संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके विरोध में संयुक्त राष्ट्र के दुनियाभर के कार्यालयों में सोमवार को झंडे आधे झुके रहे और संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों ने मारे गए अपने सहयोगियों के लिए मौन धारण किया।
'अस्पताल सुरक्षित रहने चाहिए'
गाजा के अल शिफा अस्पताल पर बीते दिनों हुए हमले में 22 लोगों की मौत हो गई थी। इस्राइली सेना ने अस्पताल को खाली करने का आदेश दिया है लेकिन अभी भी वहां पर सैंकड़ों लोग फंसे हुए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अगर अस्पताल के जेनरेटर के लिए जल्द ही ईंधन का इंतजाम नहीं हुआ तो इलाज की कमी से कई लोग मारे जा सकते हैं, जिनमें कई नवजात बच्चे भी शामिल हैं। अब अमेरिका ने भी अस्पताल पर हमले का विरोध किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपील की है कि मुझे उम्मीद है कि अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। बाइडन ने कहा कि अस्पतालों की सुरक्षा होनी चाहिए।
एक मेडिकल चैरिटी संगठन डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स के एक सर्जन ने बताया कि गाजा के अल शिफा अस्पताल में सैंकड़ों लोग फंसे हुए हैं और अमानवीय हालात में रहने को मजबूर हैं। इस्राइल का आरोप है कि हमास के आतंकियों ने अल शिफा अस्पताल में अपने ठिकाने बनाए हुए हैं। वहीं हमास इन आरोपों से इनकार करता है। संयुक्त राष्ट्र ने भी अल शिफा अस्पताल पर हमले की कड़ी निंदा की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अल शिफा अस्पताल में करीब 2300 मरीज, स्वास्थ्य कर्मी और शरणार्थी रह रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलीवन ने भी अस्पताल में लड़ाई का विरोध किया और कहा कि हम मरीजों को सुरक्षित देखना चाहते हैं। सुलीवन ने गाजा पट्टी में लंबे युद्धविराम की भी अपील की ताकि गाजा में फंसे लोगों की मदद की जा सके।
हमास का शीर्ष कमांडर ढेर
इस्राइली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने हमास के शीर्ष कमांडर को एक एयर स्ट्राइक में ढेर कर दिया है। बताया जा रहा है कि मारा गया हमास कमांडर अमहद सियाम है, जो गाजा के एक अस्पताल में करीब 1000 लोगों को बंधक बनाकर रखे हुए था। इस्राइली सेना का कहना है कि सियाम अस्पताल से आम नागरिकों और मरीजों को निकलने नहीं दे रहा था। इस्राइली सेना ने बताया कि सियाम गाजा के रनतीसी अस्पताल में डेरा जमाए हुए था और वह अस्पताल में मौजूद आम नागरिकों और मरीजों को इस्राइली चेतावनी के बावजूद दक्षिणी गाजा के सुरक्षित ठिकानों पर नहीं जाने दे रहा था।
सियाम हमास की नासेर रादवान कंपनी का कमांडर था। इस्राइली सेना ने बताया कि सियाम भी इस बात का उदाहरण है कि हमास आम नागरिकों को अपने आतंकी मंसूबों के लिए मानव ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है। फिलहाल सियाम अपने कई सहयोगियों के साथ गाजा के अल बुराक स्कूल में छिपा हुआ था, जब इस्राइली सेना के फाइटर जेट ने उस स्कूल को निशाना बनाकर सियाम को ढेर कर दिया। इस्राइल की आंतरिक खुफिया एजेंसी शिन बेत को सियाम के ठिकाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद सूचना पर कार्रवाई करते हुए इस्राइली सेना ने हमास कमांडर को ढेर कर दिया।
हमास ने नौ महीने के बच्चे को बनाया हुआ है बंधक
इस्राइली सेना ने बताया है कि बीती 7 अक्तूबर को हमास के आतंकियों ने जिन 200 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाया है, उनमें नौ महीने का एक बच्चा भी शामिल है। इस्राइली सेना ने बताया कि इस बच्चे का नाम कफिर बिबास है और जब हमास के आतंकियों ने उसे अगवा किया था, तब वह 9 महीने का था अब वह 10 महीने का है और अभी भी हमास की कैद में है। इस्राइली सेना ने बताया कि हमास ने कफिर के बड़े भाई और उसके माता-पिता को भी बंधक बनाया हुआ है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के चीफ से मिलेंगे इस्राइल के विदेश मंत्री
इस्राइल के विदेश मंत्री एली कोहेन मंगलवार को स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगे। स्विट्जरलैंड में इस्राइली विदेश मंत्री रेड क्रॉस की अध्यक्ष, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस गैब्रिसियस से मुलाकात करेंगे। साथ ही कोहेन विभिन्न देशों के राजदूतों को भी हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाने के प्रयासों की भी जानकारी देंगे। बता दें कि बंधकों को छुड़ाने के लिए इस्राइल सरकार पर दबाव बन रहा है। यही वजह है कि इस्राइली सरकार ने सैन्य दबाव के साथ ही कूटनीतिक प्रयास भी तेज कर दिए हैं।