इस्राइल और हमास के बीच 36 दिन से संघर्ष चल रहा है। इस बीच कई लोग इस्राइल के समर्थन में बात कर रहे हैं, तो कहीं हमास के साथ खड़े हो रहे हैं। ऐसा ही कुछ मामला अमेरिका स्थित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से निकलकर सामने आया है। दरअसल, एमआईटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिसमें एक छात्र गाजा में इस्राइली हवाई हमलों को लेकर गणित के लेक्चर को बाधित करते हुए दिखाई दे रहा है।
फलस्तीन की आजादी के लिए खड़े हैं: एमआईटी छात्र
छात्र ने लेक्चर के बीच से ही लेक्चरर से पूछा कि क्या वह कुछ कह सकता है। प्रोफेससर ने पूछा, 'क्या मैं इस लाइन को खत्म कर सकता हूं?' बाद में लेक्चरर की अनुमति के बाद छात्र ने कागज निकालकर एक संदेश पढ़ा। छात्र ने कहा, 'जैसा कि आप मौन एमआईटी में गाजा के चल रहे नरसंहार को देख रहे हैं, मैं शहर भर में कक्षा से बाहर निकलने वाले सैकड़ों छात्रों में शामिल हो रहा हूं। हम एमआईटी, इस्राइल और अमेरिका द्वारा जारी सक्रिय नरसंहार के खिलाफ फलस्तीन की आजादी के लिए खड़े हैं।'
आजाद फलस्तीन' के नारे लगा रहे थे छात्र
दुनियाभर के कई शैक्षिक संस्थानों में छात्र इस्राइल या हमास के समर्थन में मार्च निकालते देखे गए हैं। ऐसा ही एक वीडियो एमआईटी से आया है जहां छात्रों का समूह फलस्तीनी झंडा दिखाते प्रदर्शनकारियों के साथ 'आजाद फलस्तीन' के नारे लगा रहे थे। इस दौरान छात्रों ने एमआईटी, इस्राइल और अमेरिका पर नरसंहार जारी रखने का आरोप लगाया।
यहूदी और इस्राइली एमआईटी छात्रों को कक्षा में भाग लेने से रोका गया
उधर एनालिटिक्स में एमआईटी विशेषज्ञ प्रोफेसर रत्सेफ लेवी ने दावा किया कि यहूदी और इस्राइली एमआईटी छात्रों को हमास समर्थक और इस्राइल विरोधी एमआईटी छात्रों के एक समूह द्वारा कक्षा में भाग लेने से रोका गया।
विश्वविद्यालयों की विफलता...
वहीं, अरबपति हेज फंड मैनेजर बिल एकमैन ने पोस्ट साझा करते हुए एमआईटी की आलोचना की और संस्थान पर प्रदर्शनकारियों को अनुशासित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। एकमैन ने कहा कि हार्वर्ड, एमआईटी और अन्य विश्वविद्यालयों की विफलता प्रदर्शनकारियों को यहूदी विरोधी कार्रवाइयों के लिए प्रोत्साहित करती है। इससे डर का माहौल पैदा हो गया है जो विश्वविद्यालय की शिक्षा के लिए अनुकूल नहीं है।