कार्रवाई के दौरान इस्राइली सेना का सैनिक
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गाजा का कमाल अदवान अस्पताल अस्पातल मलबे में तब्दील हो चुका है। इस मलबे में लोग अपनों के शव ढूंढ रहे हैं। इस दौरान कई लोग रोते हुए दिखाई दिए। गाजा के जाबालिया में रहने वाले मोहम्मद असफ भी अपने रिश्तेदारों के दो बच्चों को ढूंढ रहे हैं, जिनका इस अस्पताल में इलाज चल रहा था। मोहम्मद असफ ने बताया कि 'मैंने हादी (बच्चे का नाम) को पैरालाइज स्थिति में पाया और वह एक कुर्सी के नीचे पड़ा हुआ था और उसके ऊपर सामान गिरा हुआ था।' असफ ने बताया कि 'वह बेहोशी की हालत में था और बुरी तरह जली हुई हालत में था।'
इस्राइली सेना ने अस्पताल में की थी छापेमारी
बता दें कि उत्तरी गाजा के कमाल अदवान अस्पताल में बीती 12 दिसंबर को इस्राइली सेना ने छापेमारी की थी। इस्राइली सेना का ऑपरेशन कई दिनों तक चला। इस्राइली सेना का दावा है कि हमास ने अस्पताल में अपना कमांड और कंट्रोल सेंटर बनाया हुआ था। ऑपरेशन के दौरान हमास के 80 कथित सदस्यों को गिरफ्तार करने का भी दावा किया गया है। आईडीएफ (इस्राइली सेना) ने ये भी दावा किया है कि उन्होंने अस्पताल से बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए हैं।
हमास का दावा- स्टाफ को गिरफ्तार किया, मरीजों के कक्षों में चलाई गोलियां
वहीं हमास का दावा है कि इस्राइली सेना ने अस्पताल में नरसंहार किया है। इस्राइली सेना ने मरीजों के कमरों में गोलियां चलाईं, स्टाफ को गिरफ्तार किया और लोगों के तंबुओं को बुलडोजर से तबाह कर दिया। कमाल अदवान अस्पताल में साफ तौर पर टैंक और बुलडोजर के निशान देखे जा सकते हैं। हिंसा से गाजा के लोग इस कदर परेशान हो चुके हैं। गाजा के लोगों का कहना है कि 'अस्पताल में काफी तबाही हुई है और वह मलबे में तब्दील हो चुका है। सभी जगह मरीज दिख रहे हैं और वहां उनकी देखभाल के लिए कुछ भी नहीं बचा है। बच्चे बीमारी की हालत में अस्पताल में मौजूद हैं लेकिन उनके खाने-पीने और उनकी देखभाल के लिए वहां कोई नहीं है।'
'वो हम सभी को मार दें'
कमाल अदवान अस्पताल में अपने बेटे को ढूंढने आए अबु मोहम्मद ने रोते हुए बताया कि 'उन्होंने (आईडीएफ) पूरी इमारत तबाह कर दी। डॉक्टरों की हत्या कर दी और कुछ भी बाकी नहीं छोड़ा। मेरा बेटा यहां था और अब मुझे नहीं पता कि उसे कहां तलाश करूं। अरब देश कहां हैं? कहां हैं सीसी (मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी)? हम इस हिंसा से तंग आ चुके हैं। वो हमें 1948 से मार रहे हैं, उन्हें हम सभी को मार देना चाहिए ताकि हम इस प्रताड़ना के बजाय शांति से मर जाएं।'