फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamas: 'ऐसे संघर्ष विराम पर सहमत नहीं, जिससे गाजा में युद्ध समाप्त न हो', हमास की इस्राइल को चेतावनी

Sun, 05 May 2024 10:37 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यरूशलम

सार

ब्रिटेन की तरफ से जारी विवरण के अनुसार, अमेरिका, मिस्र और कतर; हमास के उस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें 40 दिनों तक संघर्ष पर विराम लगाए जाने की बात कही गई है। इसमें इस्राइली जेलों में बंद फलस्तीनी कैदियों के बदले बंधकों की अदला-बदली भी शामिल है।
विज्ञापन
इस्राइल-हमास - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनका संगठन किसी भी परिस्थिति में ऐसे संघर्ष विराम समझौते के लिए सहमत नहीं होगा, जिसमें गाजा युद्ध का पूर्ण अंत शामिल न हो। इसी के साथ उसने संघर्ष विराम के लिए इस्राइल के प्रयास की निंदा की। 
विज्ञापन


हमास समझौते के लिए सहमत नहीं
अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "हमास किसी भी परिस्थिति में ऐसे समझौते के लिए सहमत नहीं होगा, जिसमें स्पष्ट रूप से गाजा में युद्ध की समाप्ति शामिल न हो। युद्ध की पूर्ण समाप्ति और गाजा से कब्जा हटाए बिना कोई समझौता नहीं होगा।"

इससे पहले शनिवार को इस्राइल के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि हमास की तरफ से युद्ध के अंत की मांग को न छोड़ना इस समझौते की राह में रोड़ा बन रहा है। इस्राइली अधिकारी ने आगे कहा कि इस्राइल तभी काहिरा में अपना प्रतिनिधिमंडल भेजेगा, जब उसे बंधकों की रिहाई के लिए हमास की तरफ से सकारात्मक प्रयास दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि हमास की तरफ से ऐसा कुछ नहीं किया गया है। 
विज्ञापन


ब्रिटेन की तरफ से जारी विवरण के अनुसार, अमेरिका, मिस्र और कतर; हमास के उस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें 40 दिनों तक संघर्ष पर विराम लगाए जाने की बात कही गई है। इसमें इस्राइली जेलों में बंद फलस्तीनी कैदियों के बदले बंधकों की अदला-बदली भी शामिल है।

हमास के अधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव में एक स्पष्ट प्रावधान शामिल हो, जिसमें गाजा में पूर्ण युद्धविराम की बात कही जाए। हालांकि इस्राइल अभी तक इसके लिए तैयार नहीं है। उसने आगे बताया कि समझौते में मुख्य बाधा इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दक्षिणी गाजा शहर राफा में जमीनी सेना भेजने की जिद है। दरअसल, यह क्षेत्र विस्थापित नागरिकों से भरा हुआ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें