इस्राइल और हमास युद्ध के बीच फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को गाजा से भागने वाले फलस्तीनी शरणार्थियों को स्वीकार नहीं करना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी तब आई है जब इस्राइल द्वारा उत्तरी गाजा के खिलाफ जमीनी अभियान शुरू करने की आशंका है, जो हमास के नियंत्रण में है।
इस्राइली सेना द्वारा फलस्तीनी नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने के लिए केवल 24 घंटे से अधिक का समय दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, जीओपी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डेसेंटिस ने आयोवा में एक अभियान के दौरान कहा कि मुझे नहीं पता कि राष्ट्रपति बिडेन क्या करने जा रहे हैं, लेकिन हम गाजा से लोगों को इस देश में शरणार्थी के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते।
हमास नरसंहार की जवाबी प्रतिक्रिया में, इस्राइल ने कहा है कि जब तक बंदियों को रिहा नहीं किया जाता, वह क्षेत्र में भोजन और बिजली सहित आपूर्ति की अनुमति नहीं देगा। डेसेंटिस ने इस्राइल-हमास युद्ध पर आगे कहा कि यदि आप देखें तो उनमें से सभी हमास नहीं हैं, लेकिन वे सभी यहूदी विरोधी हैं और उनमें से कोई भी इस्राइल के अस्तित्व के अधिकार में विश्वास नहीं करता है।
फ्लोरिडा के गवर्नर ने पिछले सप्ताह गुरुवार को एक आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिससे इस्राइल में फ्लोरिडियनों को बचाने और हमास से निपटने के लिए निरंतर अभियानों का समर्थन करने की अनुमति दी गई।
युद्ध प्रभावित आम नागरिकों को मिलेगी मदद
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने रविवार को फलस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास से बात की और गाजा में इस्राइल-हमास युद्ध से प्रभावित नागरिकों को मानवीय आपूर्ति प्रदान करने के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया।
एक्स के जरिए राष्ट्रपति बिडेन ने बताया कि मैंने इस्राइल पर हमास के हमले की निंदा करने के लिए फलस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति अब्बास से बात की। मैने दोहराया कि हमास फलस्तीनी लोगों के सम्मान और आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए खड़ा नहीं है।
मैंने उन्हें आश्वासन दिया कि हम गाजा में नागरिकों तक मानवीय आपूर्ति सुनिश्चित करने और संघर्ष को बढ़ने से रोकने के लिए क्षेत्र में भागीदारों के साथ काम कर रहे हैं। बिडेन ने कहा कि फलस्तीन में नागरिक अनावश्यक रूप से पीड़ित हो रहे हैं, उन्होंने दावा किया कि उनमें से अधिकांश का आतंकवादी समूह हमास से कोई लेना-देना नहीं है।
अमेरिका इस्राइल का समर्थन करता रहेगा
व्हाइट हाउस ने इस्राइल में आतंकवादी हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया को अलग से पोस्ट किया और कैप्शन दिया, 'अमेरिका इस्राइल का समर्थन करता रहेगा'। पोस्ट में आगे कहा गया कि अमेरिका हमास के खिलाफ युद्ध में इस्राइल का समर्थन करना जारी रखेगा और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ लगातार संपर्क में है।
उन्होंने आगे कहा, 'अमेरिकियों के परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दी जा रही है जिनका अभी भी पता नहीं चल पाया है, क्योंकि हम उनके प्रियजनों का पता लगाने और उन्हें घर लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। जरूरत के समय में इस्राइल का समर्थन करने के लिए प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ नियमित संपर्क में हैं, क्योंकि वह खुद को आतंकवाद से बचा रहा है।'