इस्राइल और हमास के बीच युद्ध लगातार जारी है। हर तरफ चीख-पुकार मची हुई है। 7 अक्तूबर से लेकर अब तक 5000 से अधिक लोगों की इस संघर्ष में मौत हो चुकी है। वहीं, हमास के बाद इस्राइली सेना भी कार्रवाई करते हुए बिना रुके हमले कर रही है। इस बीच इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध कैबिनेट और वरिष्ठ सुरक्षा के अधिकारियों के साथ एक बैठक की है। तेल अवीव में हुई इस बैठक में उन्होंने सुरक्षा का मूल्यांकन किया है।
इस्राइली पीएमओ ने अपने एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वर्तमान में युद्ध मंत्रिमंडल के सदस्यों और वरिष्ठ सुरक्षा प्रतिष्ठान अधिकारियों के साथ तेल अवीव में सुरक्षा मूल्यांकन कर रहे हैं।
विमान हमले में हमास के तोपखाने का उप प्रमुख ढेर
मालूम हो कि इस्राइल हमास के बीच जारी युद्ध में करीब 5500 लोगों की मौत हो गई। इस बीच इस्राइली रक्षा बलों ने घोषणा की है कि इस्राइली सेना ने गाजा में विमान से हमला किया, जिसमें आंतकी संगठन हमास के एक और अधिकारी को मार डाला गया।
हमास के कई प्रमुखों की मौत
इस हमले में हमास के कई प्रमुखों की मौत हुए है, जिनमें आंतकवादी संगठन हमास के क्षेत्रीय तोपखाने समूह के उप प्रमुख मोहम्मद कटामश शामिल है। कटामाश आंतकी समूह के सेंट्रल कैंप ब्रिगेड में आग और तोपखाने प्रबंधन के लिए जिम्मेदार था।
कटामश ने इस्राइल के खिलाफ आग योजनाओं के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, इस्राइली के एक अन्य हमले में रॉकेट फायरिंग दस्ते का प्रमुख और हमास ऑपरेटिव की भी मौत हो गई। इस्राइली सेना ने एक हथियार उत्पादन स्थल और एक सैन्य मुख्यालय पर भी हमला किया और उसे तबाह कर दिया।
भारत ने पहुंचाई 38.5 टन राहत सामग्री
इधर, भारत ने इस्राइल-हमास युद्ध के चलते खाने-पीने के सामान और दवाओं की कमी से जूझ रहे फलस्तीनियों के लिए मानवीय मदद भेजी है। गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से रविवार सुबह आठ बजे उड़ा भारतीय वायुसेना का सी-17 परिवहन विमान करीब 6.5 टन चिकित्सा सहायता और 32 टन आपदा राहत सामग्री लेकर शाम को मिस्र की राजधानी काहिरा पहुंचा। भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह आतंकी संगठन हमास के खिलाफ इस्राइल व निर्दोष फलस्तीनियों के साथ खड़ा है।