फिलीस्तीन आतंकी समूह हमास ने इस्राइल पर भीषण हमला किया है। हमास ने गाजा से शनिवार की सुबह अचानक थोड़े-थोड़े अंतराल पर इस्राइली शहरों पर ताबड़तोड़ करीब 5,000 रॉकेट दागे। यही नहीं, हमास के बंदूकधारी इस्राइली शहरों में भी घुस गए और कुछ सैन्य वाहनों पर कब्जा कर हमले किए। कई इस्राइली सैनिकों को बंधक भी बना लिया। वहीं, ईरान ने हमास के हमले का समर्थन किया है। वहीं, पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने की बात कही है। पाकिस्तान ने कहा है पश्चिमी एशिया में शांति के लिए दोनों देशों के बीच समाधान जरूरी है।
ईरान और कतर ने शनिवार को हमास आतंकवादियों द्वारा इस्राइल पर किए गए हमलों का समर्थन करते हुए कहा कि ये हमले फिलिस्तीनियों के इस्राइल के प्रति बढ़े हुए आत्मविश्वास का प्रमाण हैं। वहीं, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मौजूदा संघर्ष में हमास समूह के समर्थन का संकेत देते हुए कहा कि वह आज की घटनाओं पर आश्चर्यचकित नहीं थे।
ईरान ने किया हमले का समर्थन
ईरान ने इस्राइल पर हमास के हमले का समर्थन किया है। अर्ध-सरकारी आईएसएनए न्यूज साइट की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अली होसैनी खामेनेई के एक सलाहकार ने कहा कि ईरान फिलस्तीनियों के हमले का समर्थन करता है। सलाहकार रहीम सफवी के हवाले से कहा गया, हम फिलस्तीनी लड़ाकों को बधाई देते हैं। हम फिलस्तीन और यरूशलम की आजादी तक फिलस्तीनी लड़ाकों के साथ खड़े रहेंगे।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसके सहयोगी हमास की तरफ से किए गए हमले फलस्तीनियों के इस्राइल के प्रति बढ़े हुए आत्मविश्वास का सबूत हैं। आईएसएनए ने मंत्रालय के प्रवक्ता नासर कनानी के हवाले से कहा, इस ऑपरेशन में ऐसे तरीकों का इस्तेमाल किया गया जो कब्जाधारियों के सामने फलस्तीनी लोगों के विश्वास को दर्शाता है। वहीं, ईरान सरकार के प्रवक्ता अली बहादोरी-जहरोमी ने कहा कि हमले ने साबित कर दिया कि यहूदी शासन पहले से कहीं अधिक असुरक्षित है और पहल फिलस्तीनी युवाओं के हाथों में है।
पाकिस्तान ने कहा दोनों देशों में शांति जरूरी
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (एफओ) ने भी इस हमले को लेकर बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि इस्राइल और फिलीस्तीन के बीच बढ़े तनाव को देखते हुए हम बढ़ती स्थिति की मानवीय क्षति को लेकर चिंतित हैं। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शत्रुता की समाप्ति, नागरिकों की सुरक्षा और मध्य पूर्व में स्थायी शांति के लिए एकजुट होने का आह्वान करते हैं। पाकिस्तान ने यह भी कहा कि 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर अल कुद्स अल-शरीफ को राजधानी बनाया जाना चाहिए। साथ ही एक व्यवहार्य, संप्रभु और सन्निहित फिलिस्तीन राज्य की स्थापना की जानी चाहिए।
वहीं, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर पोस्ट कर इस हमले को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि इस्राइल के अवैध कब्जे को समाप्त करना, फिलिस्तीनी भूमि पर बस्ती का विस्तार, और निर्दोष फिलिस्तीनियों के खिलाफ उत्पीड़न क्षेत्र में शांति, न्याय और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। मैं आज की घटनाओं से आश्चर्यचकित नहीं हूं। कोई और क्या उम्मीद कर सकता है जब इस्राइल फिलिस्तीनियों को उनके अधिकारों से वंचित करता रहेगा।
इस बीच, कतर के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि फिलिस्तीनी लोगों के प्रति बढ़ती हिंसा के लिए केवल इस्राइल जिम्मेदार है।
हम इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष को कम करने में मदद करने को तैयार : तुर्किये
तुर्किये ने इस्राइल और फलस्तीन के बीच छिड़े संघर्ष में बड़ी संख्या में लोगों की मौत की कड़ी भर्त्सना की। उसने कहा कि वह संघर्ष के व्यापक होने से पहले टकराव को कम करने में मदद करने के लिए तैयार है। तुर्किये के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अंकारा सभी संबंधित पक्षों के साथ संपर्क है। मंत्रालय ने अपने नागरिकों से सुरक्षित, बंद जगहों पर रहने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि विदेश मंत्री हकन फिदान ने शनिवार को इस्राइल और फलस्तीन के बीच छिड़ी जंग पर चर्चा करने के लिए कतर, सऊदी अरब, मिस्र, फलस्तीन और ईरान के विदेश मंत्रियों से फोन पर बातचीत की। मंत्रालय ने कहा कि हिंसा और तनाव से किसी को भी फायदा नहीं होने वाला है। तुर्किये यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव मदद करने के लिए तैयार है कि घटनाक्रम आगे न बढ़े और व्यापक क्षेत्र में फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया जाए।इसे लेकर हम संबंधित पक्षों के साथ अपना करीबी संपर्क जारी रखे हुए हैं।
बता दें कि इस हमले में इस्राइल शहर के मेयर ओफिर लिब्स्टीन समेत कम से कम 100 लोग मारे गए और 900 से अधिक घायल हुए हैं। इस्राइल की जवाबी कार्रवाई में गाजा में करीब 200 फिलस्तीनी मारे गए हैं और 1700 से ज्यादा घायल हुए हैं।