इस्राइल-हमास के बीच संघर्ष को शुरू हुए 36 दिन हो गए हैं लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस लड़ाई को रोकने के लिए दुनियाभर के देश युद्धविराम की मांग करने लगे हैं। हालांकि, इस्राइल फिलहाल किसी भी तरह के युद्धविराम के लिए तैयार नहीं है। दरअसल, शनिवार को इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर युद्धविराम के लिए बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग को खारिज कर दिया और कहा कि हमास आतंकवादियों को कुचलने की लड़ाई पूरी ताकत के साथ जारी रहेगी।
इस्राइल गाजा में सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखेगा: नेतन्याहू
रक्षा मंत्री योव गैलेंट और मंत्री बेनी गैंट्ज के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में नेतन्याहू ने अरब देशों के नेताओं से हमास के खिलाफ सामने आने का आग्रह किया। नेतन्याहू ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस्राइल-हमास युद्ध के बाद गाजा को विसैन्यीकृत कर दिया जाएगा और इस्राइल वहां सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखेगा।
इस्राइली पीएम ने सुरक्षा नियंत्रण मतलब बताते हुए कहा कि इस्राइली बलों को आतंकवादियों का शिकार करने के लिए गाजा में खुले तौर पर प्रवेश करने में सक्षम होना चाहिए।
अपने बयान में नेतन्याहू ने कहा, 'हमास ने उत्तरी गाजा पट्टी पर नियंत्रण खो दिया है। इसे वहां छुपने की कोई जगह नहीं है। सिनवार से लेकर आखिरी आतंकवादी तक हमास के सभी लोग मारे जा चुके हैं। हमारी सेनाएं जमीन के ऊपर और जमीन के अंदर उन पर हमला कर रही हैं।'
हिजबुल्ला को कड़ी चेतावनी
पीएम नेतन्याहू ने ईरान में बैठे आतंकी समूह हिज्बुल्ला को भी सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'हम उत्तरी मोर्चे पर भी तैयार हैं। हम वहां भारी गोलाबारी के साथ अभियान जारी रखे हुए हैं। मैंने हिज्बुल्ला को चेतावनी दी है कि गलती मत करो और युद्ध में मत जाओ क्योंकि यह तुम्हारे जीवन की गलती होगी।'
अरब नेताओं से की ये अपील
इस्राइली पीएम ने अपने संबोधन में अरब देशों के नेताओं से कहा, 'आपको हमास के खिलाफ सामने आना चाहिए। अपने 16 वर्षों के अत्याचार में, हमास ने गाजा में तबाही ला दी है। यह गाजा पट्टी के निवासियों के लिए केवल दो चीजें लेकर आया है: खून-खराबा और गरीबी। हमास ईरान के नेतृत्व वाली आतंकवाद की धुरी का एक अभिन्न हिस्सा है जो पूरे मध्य पूर्व और पूरे अरब जगत को भी खतरे में डालती है। मुझे विश्वास है कि कई अरब नेता इसे समझते हैं।'
बंधकों पर कही ये बात
हमास द्वारा बंधक बनाए गए बंधकों पर बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा, 'हमारे बंधकों की वापसी के बिना कोई युद्धविराम नहीं होगा। मैं यह भी स्पष्ट करना चाहूंगा कि बंधकों की रिहाई पर अंतरराष्ट्रीय संपर्क मोसाद के निदेशक डेविड बार्निया द्वारा मेजर-जनरल की सहायता से किया जा रहा है।'