इस्राइल का आरोप है कि हमास के आतंकी फलस्तीन के शरणार्थियों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। गाजा पट्टी पर जमीनी हमले की तैयारियों की खबरों के बीच एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव ढाल और सुरंगों के कारण इस्राइल गाजा पट्टी पर जमीनी हमले में देरी कर सकता है। गत शनिवार से शुरू हुई सैन्य कार्रवाई के बारे में आई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस्राइल ने गाजा पर अपने इतिहास की सबसे भारी बमबारी की है।
दरअसल, इस्राइल और पश्चिमी एशिया (मध्य पूर्व) के सामरिक मामलों से जुड़ी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 2006 में लेबनान पर हमले के बाद से इस्राइल की सेना अपने सबसे महत्वाकांक्षी जमीनी हमले के लिए तैयार है। 2008 में गाजा पर आक्रमण के बाद यह पहली बार होगा जब इस्राइल क्षेत्र पर कब्जा करने के प्रयास कर रहा है। खबरों के अनुसार, इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने आज हमास के कब्जे वाले गाजा पट्टी पर जमीनी हमले के लिए कमर कस ली है।
गाजा पट्टी में अब तक की कार्रवाई में क्या हुआ?
बता दें कि इस्राइल ने गाजा में हमास के ठिकानों पर हवाई हमला जारी रखा है। इसी बीच ईरान ने बमबारी नहीं रुकने पर "गंभीर परिणाम" की चेतावनी दी है। हमास के साथ जारी संघर्ष के बीच इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कई बार हमास को जड़ से मिटाने का संकल्प जाहिर कर चुके हैं। गाजा पर इतिहास की सबसे भारी बमबारी के बाद करीब 2.3 मिलियन की आबादी वाला ये इलाका पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। अधिकांश बुनियादी ढांचे नष्ट हो चुके हैं।
तीन लाख सैनिकों के साथ सबसे बड़े हमले की योजना
नेतन्याहू के ऐलान के बाद गाजा पट्टी पर कार्रवाई के लिए 3,00,000 रिजर्व सैनिकों को जमा करने की खबरों के बीच सवाल ये उठा कि आखिर इस्राइल जमीनी हमले में देरी क्यों कर रहा है? इस संबंध में द न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से आई एक रिपोर्ट में बताया गया कि इस्राइली सुरक्षाबलों को गाजा पट्टी पर मौजूद आम लोगों की चिंता है। इसके अलावा, पायलटों और ड्रोन ऑपरेटरों के लिए इस्राइल के जमीनी सैनिकों के लिए हवाई कवर देने में आ रही चुनौती भी हमले में हो रही देरी का प्रमुख कारण है।
सीमा पर जमा हो रही इस्राइली सेना
इस्राइल ने संभावित जमीनी हमले से पहले गाजा पट्टी पर मौजूद लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को हजारों गाजावासी दक्षिणी गाजा में घुस आए। गाजा में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने बताया कि इस्राइली सेना सीमा पर सैनिकों को जमा कर रही है। नागरिकों को निकलने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है।
सुरंगों में इस्राइली बंधक
इस्राइली सेना ने आतंकवादियों और हथियारों के भंडार को साफ़ करने के लिए पिछले 24 घंटे में गाजा में कई क्षेत्रों में छापेमारी की। हमले के जटिल होने के बारे में एक रिपोर्ट में कहा गया कि माना जाता है कि हमास ने अपने भूमिगत बंकरों और सुरंगों में कई इस्राइली नागरिकों को बंधक बना रखा है। बंधकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
हमले से पहले सोच रही इस्राइली सेना, सुरंगों का नेटवर्क जटिल
गाजा के नीचे हमास की सुरंगों को भी काफी जटिल माना जाता है। इस्राइली सेना के लिए सुरंग भी बड़ी चुनौती हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर जमीनी हमला शुरू किया गया तो इस्राइल अपनी मारक क्षमता की श्रेष्ठता खो सकता है। जमीनी हमले की सूरत में इस्राइल दुश्मन को करीबी मुकाबले में उलझाने के लिए मजबूर हो जाएगा। गाजा, सुरंगों के जटिल नेटवर्क वाला घनी आबादी वाला क्षेत्र है, इसलिए इस्राइली सेना हमला करने से पहले सोच रही है।
हमास ने इस्राइली बंधकों को मानव ढाल बनाया
रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइली सैन्य प्रवक्ता ने हाल ही में कहा कि वे सुरंग नेटवर्क के कुछ हिस्सों पर हमला कर रहे हैं, लेकिन यह एक भीषण लड़ाई होगी। इस्राइली सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, उन्हें डर है कि हमास बंधकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करेगा, जिससे इस्राइल के लिए नैतिक और परिचालन संबंधी दुविधा पैदा हो जाएगी। ऐसी भी चिंताएं हैं कि हमास इस्राइली अधिकारियों के लिए बड़े पैमाने पर दुविधा पैदा करके किसी हमले को रोकने के लिए इस्राइली बंधकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करेगा।
इस्राइल में युद्ध के बीच सेहत से जुड़ी बड़ी चिंताएं
युद्ध और सैन्य कार्रवाई के बीच सैकड़ों लोगों की मौत भी चिंता का सबब है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक सख्त चेतावनी जारी कर कहा कि दक्षिणी गाजा में पहले से ही भरे हुए अस्पतालों में हजारों अस्पताल के मरीजों को बाहर निकालना "विनाशकारी" हो सकता है। गंभीर बीमारियों और घायल अवस्था में इलाज करा रहे लोगों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट करना खतरनाकर हो सकता है। ऐसे में कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकता है। डब्ल्यूएचओ ने इस बात पर जोर दिया कि गाजा में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पहले से ही पतन के कगार पर है, ऐसे में मरीजों की अतिरिक्त संख्या भी परेशानी को बड़ा बना सकती है।
हिजबुल्लाह; इस्राइल के सामने युद्ध का एक नया मोर्चा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान समर्थित हिजबुल्लाह समूह की गोलीबारी के बाद इस्राइल को लेबनान के साथ भी लड़ाई का मोर्चा खोलने पर मजबूर होना पड़ा है। उत्तरी सीमा पर देश के दूसरे हिस्से में हमास के अलावा एक और युद्ध की संभावना का सामना कर रहे इस्राइल की चिंता का कारण हिजबुल्लाह का बयान है। हिजबुल्लाह में दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले नईम कासिम ने कहा है कि उनका संगठन इस्राइल के खिलाफ युद्ध में फलस्तीनी सहयोगी हमास का साथ देने के लिए "पूरी तरह से तैयार" है।
गोलाबारी की चपेट में आए कई पत्रकार
समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, कासिम ने बेरूत में फलस्तीन समर्थक रैली में कहा, "हम, हिज़्बुल्लाह के रूप में, टकराव में योगदान दे रहे हैं और अपनी विचारधारा और योजना के तहत इसमें योगदान देना जारी रखेंगे।" खबरों के अनुसार, दोनों तरफ से जारी गोलाबारी के दौरान एक रॉयटर्स पत्रकार की मौत हो गई। एएफपी, रॉयटर्स और अल-जजीरा के छह अन्य पत्रकार गोलाबारी में घायल हो गए, जिसके लिए लेबनान ने इस्राइली बलों को जिम्मेदार ठहराया था।
इस्राइली सेना का बयान- सीमा के नजदीक आने वाला मारा जाएगा
इसके अलावा, इस्राइल के एक दक्षिणी गांव में गोलाबारी में दो लेबनानी नागरिकों के मारे जाने की खबर भी आई। हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसका एक सदस्य इस्राइली हमले में मारा गया। इस्राइली सैन्य प्रवक्ता डेनियल हगारी ने शनिवार रात कहा, "जो कोई भी इस्राइल में घुसपैठ करने के लिए सीमा पर लगी बाड़ तक पहुंचेगा, वह मारा जाएगा।"