विदेशी मामलों खासकर पश्चिमी एशिया के जानकारों का मानना है कि जिस तरीके से हमास ने इसराइल पर हमला किया सिर्फ एक हमला ही नहीं बल्कि कई अन्य देशों को के लिए उकसाने का निमंत्रण जैसा है। विदेशी मामलों की जानकार लेफ्टिनेंट कर्नल एसएन जटिया कहते हैं कि इसराइल के सामने आतंकी संगठन हमास की चुनौती तो बिल्कुल नहीं है। वह कहते हैं कि निश्चित तौर पर इस्राइल की आंतरिक और विदेशी खुफिया एजेंसियों की बड़ी नाकामी की वजह से ही यह हमला हुआ है। लेकिन हमास को निपटाने में इजराइल डिफेंस फोर्स को बहुत लंबा वक्त नहीं लगेगा। लेफ्टिनेंट कर्नल जाटिया कहते हैं कि सवाल सबसे बड़ा यही है कि इस हमले के साथ इसराइल के चारों ओर बैठे दुश्मनों को जो एक तरह का निमंत्रण मिला है वह सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। उनका कहना है इसमें जॉर्डन लेबनान फिलिस्तीन, तुर्की, सीरिया और इराक जैसे देश इसराइल के खिलाफ बड़ा युद्ध और बिल्कुल बजा सकते हैं।
रक्षा मामलों के जानकारो का कहना है हमास के हमले के बाद सबसे पहले अगर किसी खुले तौर पर इस्राइल को चुनौती देना शुरू किया है तो वह लेबनान का हिज्बुल्लाह है। जानकारी के मुताबिक हिजबुल्ला ने रविवार की सुबह इस्राइल के उत्तरी हिस्सों में रॉकेट से हमले किए। यह हमले इसराइल को दोनों ओर से घेरने के लिए किए गए हैं। पश्चिम एशिया के मामले के जानकार मेजर कीर्तिवर्धन राणा बताते हैं कि इस्राइल को मानसिक तौर पर घेरने के लिए ही यह चौहद्दी खींची जा रही है। उनका कहना है कि जिस तरीके से हमास ने इस्राइल के दक्षिणी पूर्वी और दक्षिणी पश्चिमी हिस्सों में हमला कर युद्ध की शुरुआत की है। ठीक इसी तरह इस्राइल के उत्तरी हिस्से में लेबनान की ओर से हिज्बुल्लाह ने भी इस्राइल पर रॉकेट से हमले शुरू किए। रक्षा मामलों के जानकारो का कहना है कि इस्राइल को इस बात का पूरा अंदेशा था कि अगर हमास की ओर से हमला हुआ तो लेबनान के हिजबुल्ला की ओर से कोई हमले होंगे। इससे कई दुश्मनों की सक्रियता एक साथ बढ़नी शुरू हो जाएगी। वह कहते हैं कि हुआ भी बिल्कुल उसी तरह से है। हमास के आतंकियों की ओर से किए गए हमले के 24 घंटे के भीतर ही हिज्बुल्लाह ने उत्तरी हिस्से से इस्राइल को दबाव में लेने के लिए रॉकेट से हमने शुरू कर दिए।
रक्षा मामलों के जानकार मानते हैं कि इस्राइल को इस बात का पूरी तरीके से अंदाजा है कि यह युद्ध सिर्फ हमास और फिलीस्तीन के साथ ही नहीं बल्कि इसकी शुरुआत के साथ उसके अन्य पड़ोसी दुश्मन देश भी इसमें सक्रियता से आगे आएंगे। इसमें सीधे तौर पर फलिस्तीन और लेबनान की एंट्री हो गई है। लेकिन इस्राइल की सेना और खुफिया एजेसियां जॉर्डन, सीरिया और तुर्की समेत ईरान की ओर से मिलने वाली आतंकी संगठनों की सहायता पर भी बारीकी से नजर बनाकर आगे की रणनीति तैयार कर रही है। जानकारों का मानना है जिस तरीके से इस्राइल ने खुद को युद्ध में डालने का ऐलान किया है उससे हालत फिलहाल अगले कुछ दिनों के लिए सामान्य जैसे होने का अंदाजा कम लग रहा है।
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वहीं उत्तरी इस्राइल में जिस तरीके से हिज्बुल्लाह की बड़े हमले की तैयारी की सूचनाए इस्राइली सेना को मिल रही है उससे सतर्कता और चौकस कर दी गई है। इस्राइल डिफेंस फोर्स की ओर से मिल नहीं जानकारी के मुताबिक फोर्स ने हजबुल्ला की ओर से किए गए हमले का करारा जवाब दिया है। इस्राइल की ओर से हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके अलावा माउंट डॉव इलाके में भी हिजबुल्ला के ठिकानों को पूरी तरीके से ध्वस्त कर दिया गया है।