पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान के अवारन जिले में एक अभियान के दौरान तीन लोगों को मार गिराया। अधिकारी ने मारे गए लोगों को 'आतंकवादी' बताया है। जियो न्यूज ने शनिवार को इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के हवाले से यह खबर दी। बयान के अनुसार, दक्षिण अवारन के सामान्य क्षेत्र में सक्रिय एक आतंकवादी समूह को रोकने के लिए खुफिया-आधारित ऑपरेशन (आईबीओ) 15 मार्च को शुरू किया गया था।
बयान के अनुसार, मारे गए आतंकवादी तुरबत-अवारन रोड और आसपास के इलाकों में गोलीबारी और इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) की घटनाओं से जुड़े थे। आईएसपीआर ने कहा कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर पिछले तीन दिनों से आतंकवादियों द्वारा बार-बार आने वाले क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर कई बार घात लगाकर हमला किया गया था। आईएसपीआर ने कहा कि सभी आतंकवादियों को उनके ठिकाने की ओर बढ़ते समय सेना ने उनका रास्ता रोक दिया था।
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसपीआर ने कहा कि रास्ता रोकने पर आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग कर दी। भारी गोलीबारी के दौरान तीनों आतंकवादी मारे गए, जबकि हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया गया है। बयान में आगे कहा गया है, पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तान की शांति, स्थिरता और प्रगति को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों को विफल करने के लिए देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉन के अनुसार, इससे पहले उत्तर और दक्षिण वजीरिस्तान की सीमा पर पाकिस्तानी अधिकारियों ने एक झिंगारा ऑपरेशन (Zinghara operation) में आठ आतंकवादियों और दो बच्चों को मार गिराया। बयान में कहा गया कि दक्षिणी वजीरिस्तान के झिंगारा इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने एक अभियान चलाया था।इससे पहले अपुष्ट मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि बच्चे ड्रोन हमले में मारे गए, लेकिन आईएसपीआर के बयान में ड्रोन हमले का कोई जिक्र नहीं है।