फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस्लामाबाद हाईकोर्ट: इमरान की याचिका खारिज; तोशाखाना मामले में निचली अदालत के फैसले को रद्द करने की थी मांग

Thu, 21 Dec 2023 09:07 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

इमरान खान 2018 में पंजाब प्रांत के मियांवाली से नेशनल असेंबली के लिए चुने गए थे। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि उनकी अयोग्यता गैरकानूनी है और  इसे रद्द किया जाए ताकि वह आगामी आम चुनाव लड़ सकें। 
विज्ञापन
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को तोशाखाना मामले में एक और करारा झटका लगा है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत के फैसले को निलंबित करने की मांग करने वाली इमरान खान की याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। 

विज्ञापन


क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान को 5 अगस्त को पाकिस्तान के चुनाव आयोग द्वारा दायर तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में इस्लामाबाद की ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। निचली अदालत के इस फैसले के कारण चुनाव आयोग (ईसीपी) ने पीटीआई पार्टी के प्रमुख को पांच साल के लिए अयोग्य ठहराया था। 

इसके बाद, इमरान खान ने ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित पांच अगस्त के फैसले को निलंबित करने की मांग को लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। बाद में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने 28 अगस्त को तोशाखाना मामले में उनकी सजा को निलंबित कर दिया था। हालांकि अदालत ने ये भी कहा था कि उनकी दोषसिद्धि और अयोग्यता तब तक बरकरार रहेगी जब तक कि अदालत मुख्य अपील पर फैसला नहीं कर देती। इस मामले में उनकी दोषसिद्धि को अब तक रद्द नहीं किया गया है, जिससे वह किसी भी सार्वजनिक पद के लिए अयोग्य हो गए हैं। फिलहाल वे अदियाला जेल में बंद हैं।  
विज्ञापन


गुरुवार को तोशाखाना मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को निलंबित करने की उनकी याचिका खारिज कर दी। नौ पेज के फैसले में हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अमीर फारूक और न्यायमूर्ति तारिक महमौर जहांगीरी ने कहा कि मामले में तत्काल आवेदन विचारणीय नहीं है। इसलिए इसे खारिज कर दिया गया है।

अगला आम चुनाव लड़ना चाहते हैं पीटीआई प्रमुख
इमरान खान 2018 में पंजाब प्रांत के मियांवाली से नेशनल असेंबली के लिए चुने गए थे। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि उनकी अयोग्यता गैरकानूनी है और  इसे रद्द किया जाए ताकि वह आगामी आम चुनाव लड़ सकें। 
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें