इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने शनिवार को पाकिस्तान सरकार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी को प्रदर्शन के लिए एक उपयुक्त स्थान आवंटित करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट का यह निर्देश इस्लामाबाद में 15-16 अक्तूबर को होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन को देखते हुए आया है। पाकिस्तान पहली बार एससीओ की मेजबानी कर रहा है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान एक साल से अधिक समय से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। पीटीआई खान की रिहाई, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और बढ़ती महंगाई के खिलाफ लड़ाई की मांग कर रही है। जेल में बंद खान ने रैली का आह्वान किया है।
किसी भी क्षेत्र में गैरकानूनी सभा आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी: हाईकोर्ट
इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आमेर फारूक ने पीटीआई समर्थकों के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजा हसन अख्तर की याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश जारी किया। न्यायमूर्ति फारूक ने कहा कि आंतरिक मंत्रालय और इस्लामाबाद प्रशासन राजधानी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण सभा और सार्वजनिक व्यवस्था अधिनियम, 2024 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र में किसी भी गैरकानूनी सभा को आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्य न्यायाधीश फारूक ने अधिकारियों को इस्लामाबाद में सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उचित और आनुपातिक उपाय करने का निर्देश दिया और प्रशासन से किसी भी राजनीतिक गतिविधि के लिए पीटीआई को एक उपयुक्त स्थान आवंटित करने के लिए भी कहा।
खान की पार्टी के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इस्लामाबाद-लाहौर में सेना तैनात
इससे पहले दिन में, जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी की विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उनके समर्थकों की रैलियों को रोकने के लिए शनिवार को इस्लामाबाद और लाहौर में सेना को तैनात कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक रेंजर्स को भी तैनात किया गया था। इन प्रदर्शनों को देखते हुए अधिकारियों ने कई शहरों में धारा 144 भी लागू कर दी है, जिसके तहत रावलपिंडी और इस्लामाबाद के जुड़े शहरों में सार्वजनिक सभाओं, राजनीतिक सभाओं और प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।, ताकि किसी भी राजनीतिक सभा या विरोध प्रदर्शन को गैरकानूनी घोषित किया जा सके। साथ ही इन शहरों को जोड़ने वाली मेट्रो बस सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया।
खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ तोखाना मामले की सुनवाी स्थगित
दूसरी तरफ, तोशखाना दो मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश सेंट्रल शाहरुख अर्जुमंद द्वारा की जानी थी, जबकि 190 मिलियन पाउंड के संदर्भ की सुनवाई जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश नासिर जावेद राणा द्वारा की जानी थी। सड़क बंद होने के कारण तोशखाना दो मामले और 72 वर्षीय खान के साथ ही उनकी पत्नी 50 वर्षीय बुशरा बीबी के खिलाफ 190 मिलियन पाउंड के मामले को स्थगित कर दिया गया। तोशाखाना मामले के लिए अगली सुनवाई सात अक्तूबर और 190 मिलियन पाउंड के संदर्भ के लिए आठ अक्तूबर को निर्धारित की गई है। अदालत ने इस सप्ताह की शुरुआत में खान और उनकी पत्नी के खिलाफ तोशाखाना केस दो में अभियोग की कार्यवाही स्थगित कर दी थी।