इद्दत केस में इमरान खान और उनकी पत्नी को नहीं मिली राहत
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पाकिस्तान के एक प्रमुख समाचार पत्र के अनुसार इस्लामाबाद में एक जिला और सत्र न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और साथ ही उनकी पत्नी बुशरा बीबी की इद्दत केस में दायर याचिका को खारिज कर दी है। बता दें कि दोनों ने इद्दत केस में उनकी सात साल की सजा को रद्द करने के मामले में याचिका दायर की थी, जिसे इस्लामाबाद जिला और सत्र न्यायालय ने खारिज करते हुए उनकी सजा को बरकरार रखा है।
एडीएसजे अफजाल मजोका ने सुनाया फैसला
इस्लामाबाद कोर्ट में इस मामले में मंगलवार को फैसला सुरक्षित रखा गया था, जिस पर आज अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश (एडीएसजे) अफजाल मजोका ने सुनाया। वहीं वकीलों, महिला कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों ने इद्दत केस में सजा की कड़ी निंदा करते हुए इसे महिलाओं के सम्मान और निजता के अधिकार पर प्रहार बताया है। जबकि इस फैसले का इस्लामाबाद में कार्यकर्ताओं ने विरोध किया गया था और कराची में प्रदर्शनकारियों की तरफ से आलोचना की गई थी, जो लोगों के निजी जीवन में राज्य के हस्तक्षेप के खिलाफ थे।
इद्दत केस में दोनों को मिली है सात साल की सजा
पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले 3 फरवरी को इस्लामाबाद की एक अदालत ने इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी की इद्दत अवधि के दौरान शादी करने के लिए इमरान खान और बुशरा बीबी को सात साल की जेल की सजा सुनाई और उन पर 500 हजार पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भी लगाया था। वहीं दोनों पति-पत्नी को तोशाखाना मामले में 14 सला की सजा मिली है, जबकि इमरान खान और उनके विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को साइफर केस में 10 साल जेल की सजा हुई है। बता दें कि ये सभी सजाएं फरवरी के एक हफ्ते में सुनाई गई थी।
तोशाखाना और साइफर केस की सजा हुई रद्द
हालांकि इस महीने इमरान खान और शाह महमूद कुरैशी साइफर मामले में दोषी नहीं पाए गए हैं और वहीं अप्रैल महीने में तोशाखाना केस की सजा रद्द कर दी गई थी। बता दें कि इद्दत के की सुनवाई पहले जिला और सत्र न्यायाधीश शाहरुख अर्जुमंद कर रहे थे, जिन्होंने इस मामले में मई महीने में फैसला सुरक्षित रख लिया था।
क्या होती है इद्दत, क्या है आरोप?
इद्दत एक इस्लामी कानून है, जिस एक महिला को अपने शौहर के इंतकाल या तलाक के बाद करना होता है। इद्दत की अवधि आमतौर पर चार महीने और 10 दिन की होती है (तकरीबन 128 दिन या 130 दिन), इसमें इद्दत के दौरान वो महिला किसी अन्य पुरुष से निकाह नहीं कर सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य पूर्व पति के साथ तलाक या मृत्यु के बाद पैदा हुए बच्चे के पितृत्व के बारे में किसी भी संदेह को दूर करना है। बता दें कि साल 2018 में हुई इमरान खान और बुशरा बीबी की शादी को अदालत ने अवैध करार दिया है।