ईरान में राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में कोई भी उम्मीदवार जरूरी 50 फीसदी वोट हासिल नहीं कर सका। ऐसे में चुनाव दूसरे चरण में पहुंच गया है। आज इसके तहत मतदान हो रहा है। इस चरण में शुक्रवार को टॉप के दो कैंडिडेट रिफॉर्मिस्ट लीडर मसूद पेजेशकियन और कंजर्वेटिव सईद जलीली के बीच मुकाबला हो रहा है। रन ऑफ पोल में जिसकी भी जीत होगी, वह ईरान का अगला राष्ट्रपति होगा।
बता दें कि 19 मई को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत हो गई थी। उनके साथ हेलीकॉप्टर में विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन और अन्य अधिकारियों की भी जान चली गई थी। इब्राहिम के निधन के बाद ईरान में स्नैप पोल कराया जा रहा है।
गार्डियन काउंसिल ने चार प्रत्याशियों के नाम पर अपनी मुहर लगाई थी। जिसके बाद 28 जून को मतदान हुआ और 29 जून को मतों की गिनती की गई थी। लेकिन पहले चरण में इन चार उम्मीदवारों में से कोई भी जरूरी 50 फीसदी वोट हासिल नहीं कर सका। इस दौरान रिफॉर्मिस्ट लीडर मसूद पेजेशकियन को 42.5 फीसदी वोट मिले, जबकि कंजर्वेटिव सईद जलीली को 38.6 फीसदी वोटों से संतोष करना पड़ा।
1979 में इस्लामी गणराज्य की स्थापना के बाद से ईरान के इतिहास में सबसे कम मतदाता मतदान से प्रभावित हुआ। 60 मिलियन मतदाताओं में से केवल 24 मिलियन ने अपने मत का प्रयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप निराशाजनक 40 फीसदी मतदान हुआ। पहले चरण के चुनाव के बाद गार्डियन काउंसिल ने चुनाव का दायरा सीमित कर दिया, जिससे चुनावी दौड़ पेजेशकियन और जलीली के बीच सिमट गई।
बता दें कि पेजेशकियन मोहम्मद खतामी की सरकार में हेल्थ मिनिस्टर रह चुके हैं। वहीं, सईद जलीली ईरान के पूर्व चीफ न्यूक्लियर नेगोशिएटर रह चुके हैं। अब इन दोनों के बीच ही प्रमुख मुकाबला है।