ईरान ने तीसरी परमाणु संवर्धन साइट शुरू करने की घोषणा की है। यह कदम इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) द्वारा निंदा के बाद उठाया गया, जिसमें ईरान पर जानकारी छिपाने का आरोप है। 20 साल में पहली बार आईएईए ने इतनी कड़ी फटकार लगाई है। जिसके बाद संभावना इस बात की तेज हो गई है कि ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहे तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ी घोषणा की है। इसके तहत ईरान ने कहा है कि उसने तीसरी परमाणु संवर्धन (न्यूक्लियर एनरिचमेंट) सुविधा तैयार कर ली है और जल्द ही इसे शुरू करेगा। यह ऐलान संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) की तरफ से ईरान को नॉन-प्रोलिफरेशन संधियों का उल्लंघन करने पर फटकार लगाने के ठीक बाद किया गया है।
प्रस्ताव के पक्ष में परे 19 वोट
बता दें कि आईएईए बोर्ड की बैठक में 35 देशों में से 19 ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने यह प्रस्ताव रखा था। वहीं रूस, चीन और बुर्किना फासो ने विरोध किया, 11 देशों ने मतदान से दूरी बनाई और 2 ने वोट नहीं दिया।
ईरान ने दिए जवाबी कदम उठाने के संकेत
वहीं इन सभी फटकर और चेतावनी के बावजूद ईरान ने जवाबी कर्रवाई के संकेत दिए है। ईरान के विदेश मंत्रालय और परमाणु ऊर्जा संगठन ने एक संयुक्त बयान में कहा, “इस राजनीतिक प्रस्ताव का जवाब देना अब ईरान के लिए जरूरी हो गया है। साथ ही ईरानी परमाणु एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि आईएईए के प्रस्ताव के बाद उन्होंने एजेंसी को सूचित कर दिया है कि ईरान कौन-कौन से कदम उठाएगा।
क्या क्या कदम उछा सकता है ईरान?
ईरानी परमाणु एजेंसी के प्रवक्ता के अनुसार ईरान कुछ सख्त कदम उठाने पर विचार कर रहा है। जिसमें तीसरी संवर्धन साइट शुरू करना, जिसे सुरक्षित और अजेय स्थान पर बताया गया है। पुराने सेंट्रीफ्यूज को नए, आधुनिक सेंट्रीफ्यूज से बदलना, जिससे यूरेनियम संवर्धन की मात्रा काफी बढ़ जाएगी। अन्य कई जवाबी उपायों की तैयारी भी चल रही है।
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