इंडोनेशिया पर अब चीन का 4.95 अरब डॉलर का सरकारी कर्ज
एडडेटा के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि इंडोनेशिया पर अब चीन का 4.95 अरब डॉलर का सरकारी कर्ज है। इसके अलावा 17.28 अरब डॉलर का ऐसा कर्ज है, जिसके बारे में सार्वजनिक सूचना नहीं दी गई है। ये कर्ज सरकारी कंपनियों और दूसरे सरकारी उद्यमों के ऊपर है। इसका मतलब यह हुआ कि चीन का इंडोनेशिया पर कुल जितना कर्ज है, उसका 78 फीसदी हिस्सा इंडोनेशिया सरकार के ऊपर है। इंडोनेशिया के अखबार कोरान टेम्पो ने हाल में इस विषय पर एक संपादकीय लिखा। उसमें चीनी कर्ज को ऐसा बम बताया गया, जो कभी भी फट सकता है। अखबार ने कहा कि इस कर्ज का असर इंडोनेशिया के भावी विकास पर पड़ेगा।
एडडेटा का कहना है कि चीन के कर्ज की शर्तों के मुताबिक इस ऋण पर 4.06 फीसदी की दर से ब्याज लगता है। इसके मैच्योर होने की अवधि औसतन 15 साल होती है, जिसके ऊपर दो साल सात महीने का ग्रेस पीरियड (अनुकंपा अवधि) होती है। जबकि इसकी तुलना में ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) के सदस्य देश जो कर्ज देते हैं, उन पर 1.1 फीसदी की दर से ब्याज देना होता है, और उसकी की मैच्योरिटी अवधि 28 साल होती है।
इंडोनेशियाई मीडिया के मुताबिक फास्ट रेल परियोजना का 78 फीसदी हिस्सा बन कर तैयार हो गया है। लेकिन अभी इसमें 13 और सुरंगें बननी हैं। उनके लिए पर्यावरण संबंधी मंजूरी में देर हो रही है। बताया जाता है कि परियोजना तैयार होने के बाद इस रेल सेवा के जरिए 32 हजार यात्री रोज सफर करेंगे।