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World Updates: ब्रिटिश संसद के बाहर पारंपरिक पोशाक में जुटीं भारतीय महिलाएं, पीएम मोदी का किया समर्थन

Sun, 19 May 2024 09:38 PM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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ब्रिटेन में रह रहीं भारतवंशी महिलाएं शनिवार को ब्रिटिश संसद के सामने पारंपरिक पोशाक में एकत्र हुईं। उन्होंने सांस्कृतिक गौरव का प्रदर्शन किया और आम चुनावों में भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्थन दिया।

तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, असम, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, बिहार व ओडिशा सहित विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली विविध प्रवासी महिलाएं अनूठे तरीकों से भारत में चल रहे लोकतंत्र के उत्सव में भाग ले रही थीं। अबकी बार 400 पार और हर हर मोदी, घर-घर मोदी के नारे पार्लियामेंट स्क्वायर में गूंज उठे। भावुक भारतीय महिलाओं ने गर्व से भाजपा के झंडे लहराए।

महिलाओं के समर्थन के उत्साहपूर्ण प्रदर्शन ने भारत की प्रगतिशील यात्रा पर उनके गौरव और पीएम मोदी तथा उनकी पार्टी के नेतृत्व में इसे जारी रखने की उनकी इच्छा को दर्शाया। ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी यूके (ओएफबीजेपीयूके) ने रविवार को एक बयान जारी कर इस बात पर जोर दिया कि पीएम मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। इससे भारतीयों में गर्व की गहरी भावना पैदा हुई है।

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अफगानिस्तानः अब बारिश व बाढ़ से तबाह हुआ फरयाब प्रांत, 66 की मौत
अफगानिस्तान में बारिश व बाढ़ का कहर जारी है। घोर प्रांत में 68 लोगों की मौत के बाद अब फरयाब प्रांत में बारिश व बाढ़ कहर बरपा रही हैं। प्रांत के चार जिलों में शनिवार को आई आपदा में 66 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल हो गए। आठ लोग लापता बताए जाते हैं।

फरयाब के प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता एस्मातुल्ला मोरादी ने कहा, लगभग 1,500 घर या तो पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो चुके है। सैकड़ों एकड़ खेत बह गए हैं और 300 से अधिक जानवर मारे गए हैं। तालिबान के एक प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि अफगानिस्तान में अधिक भारी बारिश के कारण अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। अप्रैल में भी असमय बारिश के कारण 70 लोग मारे जा चुके थे और 2,000 घर क्षतिग्रस्त हो गए थे।

कंबोडिया संग चीन के संयुक्त नौसैनिक, अभ्यास ने बढ़ा दी अमेरिका के परेशानी
चीन के जल और थल में समान तौर पर काम करने वाला जिंगांगशान और किजीगुआंग प्रशिक्षण पोत रविवार को कंबोडिया के रीम नेवल बेस के उत्तर में स्थित सिहानोकविले बंदरगाह पहुंचा। ये युद्धपोत दोनों देशों के संयुक्त नौसैनिक अभ्यास के लिए यहां आए हैं। इसे लेकर अमेरिका फिक्रमंद है।

दरअसल, रीम नेवल बेस में चीन ने एक बड़ी विस्तार परियोजना वित्त पोषित की है और इस पर अमेरिका और अन्य देश नजर रखे हुए हैं। उन्हें फिक्र है कि यह थाईलैंड की खाड़ी में चीनी नौसेना के लिए एक नई चौकी बन सकती है। वजह, यह खाड़ी चीन के दावे वाले दक्षिण चीन सागर के नजदीक है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग लेन में से एक है जो चीन की मलक्का जलडमरूमध्य तक पहुंच आसान कर देगी। यह संयुक्त प्रशिक्षण दोनों देशों के बीच नियमित तौर पर होने वाले नौसैनिक अभ्यास गोल्डन ड्रैगन का हिस्सा है। रीम के नए घाट पर पांच महीने से अधिक वक्त से खड़े दो छोटे चीनी जंगी जहाज सहित जिंगांगशान और किजिगुआंग 24-27 मई तक इस नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेंगे। इसे लेकर कंबोडिया में चीनी राजदूत वांग वेंटियन ने कहा कि चीनी नौसेना जहां भी जाती है वहां हम दोस्ती लाते हैं, सहयोग लाते हैं और इसके सिवा कुछ नहीं। चीन और कंबोडिया की सेनाओं के बीच सहयोग दोनों देशों की सुरक्षा सहित क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अनुकूल है।

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कांगो की सेना ने तख्तापलट के प्रयास को किया विफल, गोलीबारी में तीन की मौत
कांगो की सेना ने रविवार सुबह तख्तापलट को विफल करने का दावा किया। उसने कहा कि सैन्य वर्दी में हथियारबंद लोगों और एक शीर्ष राजनेता के गार्डों के बीच गोलीबारी के बाद कई अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कुछ विदेशी भी हैं। गोलीबारी के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। कांगो सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सिल्वेन एकेंगे ने संवाददाताओं से कहा, अब स्थिति नियंत्रण में है। तख्तापलट का यह प्रयास ऐसे समय में हुआ है, जब संसदीय चुनाव को लेकर राष्ट्रपति फेलिक्स त्सेसीकेदी की सत्तारूढ़ पार्टी पर संकट मंडरा रहा है। संसदीय चुनाव शनिवार को होने वाला था, लेकिन स्थगित कर दिया गया।
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