अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने वेस्ट वर्जीनिया के पूर्व स्वास्थ्य आयुक्त भारतीय-अमेरिकी डॉ राहुल गुप्ता को राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति कार्यालय का अगला निदेशक चुना है। वहीं, सर्जन व लोकप्रिय लेखक अतुल गावंडे को ‘यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट’ में एक वरिष्ठ पद के लिए नामित किया गया है। यह जानकारी मंगलवार को मीडिया की एक खबर से मिली।
‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर जानकारी देने वाले व्हाइट हाउस के दो अधिकारियों के हवाले से बताया कि डॉ गुप्ता को नेशनल ड्रग कंट्रोल पॉलिसी कार्यालय के अगले निदेशक के रूप में नामित किया जाएगा। यदि सीनेट द्वारा अनुमोदन कर दिया गया तो डॉ गुप्ता इस पद पर कार्य करने वाले पहले चिकित्सक होंगे।
वहीं, गावंडे ने ‘कॉम्प्लीकेशंस’, ‘बेटर’, ‘द चेकलिस्ट मेनिफेस्टो’ और ‘बीइंग मॉर्टल’ किताब लिखी हैं, जो न्यूयॉर्क में काफी बिकी तथा लोक्रपिय भी हुईं। गावंडे ने ट्वीट किया, ‘मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं आभारी हूं कि मुझे कोविड संकट को खत्म करने और विश्व स्तर पर जन स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने का मौका मिला है।
गावंडे ‘ब्रिघम एंड वीमेन हॉस्पिटल’ में सर्जरी के प्रोफेसर हैं। वे ‘ब्रिघम एंड वीमेन हॉस्पिटल’, ‘हार्वर्ड टीएच स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ’ और एक गैर सरकारी संगठन ‘लाइफबॉक्स’ के एक संयुक्त केंद्र ‘एरियाडेन लैब्स’ के संस्थापक एवं अध्यक्ष भी हैं।
गुप्ता बाइडन प्रशासन में भारतीय-अमेरिकियों के बढ़ते हुए कुनबे में शामिल होंगे, जिसकी शुरुआत उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से होती है और इसमें सर्जन जनरल के रूप में शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी विवेक मूर्ति शामिल होते हैं।
साथ ही कार्मिक कार्यालय की निदेशक किरण आहूजा, बाइडन के भाषण लेखकों की टीम के प्रमुख विनय रेड्डी, न्याय विभाग में एसोसिएट अटॉर्नी जनरल के रूप में वनिता गुप्ता और नीरा टंडन जो राष्ट्रपति की वरिष्ठ सलाहकार ये लोग भी अमेरिकी सरकार में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
राजनीतिक रूप से गुप्ता की भागीदारी की बात करें तो ये वेस्ट वर्जीनिया के डेमोक्रेटिक सीनेटर जो मैनचिन के सहयोगी हैं, जो राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे को पारित करने या धारण करने के लिए एक प्रमुख अमेरिकी कांग्रेस के रूप में उभरे हैं।
राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति
कार्यालय की स्थापना 1982 में मादक द्रव्यों के सेवन संबंधी विकारों से निपटने के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने और समन्वय करने के लिए की गई थी, जिसमें ओपिओइड संकट की प्रतिक्रिया भी शामिल है।
मास्टरशेफ ऑस्ट्रेलिया के विजेता बने जस्टिन नारायण
भारतीय मूल के जस्टिन नारायण मास्टरशेफ ऑस्ट्रेलिया सीजन 13 के विजेता घोषित किए गए हैं। 27 वर्षीय जस्टिन मास्टरशेफ ऑस्ट्रेलिया जीतने वाले दूसरे भारतवंशी हैं और वे पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं।
इस प्रतियोगिता में उन्हें 2.5 लाख डॉलर (लगभग 1.8 करोड़ रुपये) इनाम के तौर पर मिले हैं। इससे पहले साल 2018 में जेल गार्ड शशि चेलिया ने ये कुकिंग रियलिटी शो जीता था।