अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां भारतीय मूल के एक अमेरिकी डॉक्टर नील के आनंद को अमेरिका में स्वास्थ्य सेवा में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी करने के मामले में दोषी पाया गया है। 48 वर्षीय आनंद को मरीजों को जरूरत से ज्यादा और अनावश्यक दवाएं देकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले में दोषी पाया गया है।
कैसे करता था हेराफेरी, समझिए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डॉ. आनंद ने अपने क्लिनिक में मरीजों को गुडी बैग्स (दवाइयों से भरे बैग) देने की योजना बनाई थी। ये दवाएं उनके इन-हाउस फार्मेसी से दी जाती थीं। ये दवाएं न तो मरीजों को चाहिए थीं और न ही वो लेना चाहते थे, लेकिन फिर भी उन्हें दवाएं दी गईं ताकि बीमा कंपनियों से पैसा वसूला जा सके। उन्होंने अमेरिका की प्रमुख बीमा योजनाओं जैसे मेडिकेयर, ओपीएम, इंडिपेंडेंस ब्लू क्रॉस और एंथम को फर्जी दावे भेजे। इससे कुल मिलाकर इन कंपनियों से 2.3 मिलियन डॉलर (लगभग 19 करोड़ रुपये) वसूले गए।
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नशे की दवाई बांटने के भी आरोप
साथ ही मामले में यह भी सामने आया कि आनंद ने ऑक्सीकोडोन जैसी नशे की दवा बिना किसी वैध कारण के मरीजों को दी। इतना ही नहीं, बिना लाइसेंस वाले मेडिकल इंटर्न्स ने आनंद के पहले से साइन किए हुए खाली पर्चों पर दवाइयां लिखीं। इस योजना के तहत आनंद ने सिर्फ 9 मरीजों के लिए ही 20,850 ऑक्सीकोडोन की गोलियां लिख दीं।