पीएम मोदी के साथ डॉ. बरई
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अमेरिका में एक प्रभावशाली यहूदी समूह ने भारतीय-अमेरिकी चिकित्सक डॉ. भरत बरई को यहूदी विरोधी भावना के खिलाफ खड़े होने और भारत, अमेरिका और इजराइल के बीच संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया। बता दें कि डॉ. बरई भारत-इजराइल संबंध के बड़े समर्थक रहे हैं। यहूदी विरोधी भावना के खिलाफ खड़े होने के लिए डॉ बरई को 'कैम्पस चैंपियनशिप गाला' सम्मान से सम्मानित किया गया।
लोगों ने खड़े होकर किया डॉ. बरई का अभिवादन
शिकागो में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में जब डॉ. बरई को सम्मानित किया गया तो यहूदी समुदाय के लोगों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। इस दौरान अपने संबोधन में डॉ. बरई ने कहा कि हम आपके, अपने यहूदी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू और यहूदी समुदाय के बीच सहयोगात्मक संबंधों से दोनों देशों को फायदा हुआ है। डॉ. बरई ने कहा कि वह सभ्य दुनिया के अधिकतर लोगों के साथ हमास के इस बर्बर हमले की निंदा करते हैं और यहूदी लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हैं। इस्राइल को अपनी रक्षा का पूरा अधिकार है।
सम्मान मिलने पर ये बोले डॉ. बरी
डॉ. बरई ने उम्मीद जताई कि इस्राइल, हमास का समूल नाश कर देगा और पश्चिम एशिया के अधिकतर देश 'अब्राहम समझौते' में शामिल होंगे। बता दें कि 'अब्राहम समझौता' अमेरिका की मध्यस्थता में 2020 में इस्राइल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच हुआ है। इसमें इस्राइल, बहरीन और यूएई के बीच संबंधों को सामान्य बनाने के लिए हुए समझौते का भी जिक्र है। अब्राहम समझौते ने निर्धारित किया कि यूएई और बहरीन इस्राइल में अपने-अपने दूतावास स्थापित करेंगे और पर्यटन, व्यापार और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में इस्राइल के साथ मिलकर काम करेंगे। इसका धार्मिक महत्व यह है कि इस समझौते के तहत मुसलमानों को इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक यरूशलम स्थित अल-अक्सा मस्जिद में जाने की अनुमति मिलेगी।
अमेरिका के जाने-माने डॉक्टर हैं डॉ. भरत बरई
'स्टैंड विद यूएस' की निदेशक पैगी शापिरो ने भारत, इस्राइल और अमेरिका के संबंधों का समर्थन करने के लिए डॉ. भरत बरई की तारीफ की। डॉ. बरई का जन्म मुंबई में हुआ और वह एक जाने-माने डॉक्टर हैं। साथ ही भारतीय अमेरिकी समुदाय के एक सम्मानित नेता और मुखर यहूदी समर्थक माने जाते हैं।