भारतीय मूल के अमेरिकी प्रभावशाली कांग्रेस सदस्य रो खन्ना ने यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में एक स्टैंडअलोन बिल पेश किया है। यह बिल भारत के समर्थन में लाया गया है। इसके तहत उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए गए CAATSA प्रतिबंधों से भारत को स्थायी छूट देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि आक्रामक चीन और रूस के आलोक में ऐसा करना दोनों देशों के हित में रहेगा।
रो खन्ना ने चीन जैसे आक्रामक रुख वाले देश को रोकने के लिए भारत के बचाव में ‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट’ (काट्सा) से छूट दिलाने को कहा है। यह विधेयक रूस से हथियार खरीदने वाले देशों पर अमेरिकी प्रतिबंधों वाले काटसा कानून से भारत को छूट दिलाएगा। खन्ना के अलावा सांसद ब्रैड शेरमैन और डेविड श्वीकर्ट ने भी विधेयक का समर्थन किया है। इसे जरूरी कार्रवाई के लिए ‘विदेशी संबंध समिति’ को भेज दिया गया है। विधेयक में कहा गया है कि भारत को रूस-निर्मित हथियार प्रणालियों लेना जरूरी है। साथ ही बदलाव के दौर में ‘सीएएटीएसए’ के तहत लगे प्रतिबंधों से छूट, रूस व चीन की घनिष्ठ साझेदारी के आलोक में आक्रामक रवैये वालों को रोकने के लिए अमेरिका और भारत-अमेरिकी रक्षा साझेदारी के हित में है।
रूस से पांच अरब डॉलर का समझौता
भारत ने अक्तूबर 2018 में तत्कालीन डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की चेतावनी के बावजूद एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की पांच इकाइयां खरीदने के लिए रूस के साथ पांच अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। अनुबंध पर आगे बढ़ने पर उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
क्या है CAATSA कानून?
इस कानून के तहत अमेरिका अपने विरोधी देशों से हथियारों की खरीदी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कदम उठाता है। अमेरिका CAATSA के तहत उन देशों पर प्रतिबंध लगाता है जिनका ईरान, उत्तर कोरिया या रूस के साथ लेन-देन है। दरअसल, रूस ने वर्ष 2014 में क्रीमिया को यूक्रेन से अलग कर दिया। इसके बाद वर्ष 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को उसके द्वारा कथित तौर पर प्रभावित करने की बात सामने आई। इसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई में 2017 में यह कानून पारित किया था। रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के बाद से भारत इन प्रतिबंधों के दायरे में आ गया है।
फॉरेन अफेयर्स कमेटी भेजा गया प्रस्ताव
रो खन्ना द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को फॉरेन अफेयर्स कमेटी को भेज दिया गया है। इस प्रस्ताव को कांग्रेस सदस्य ब्रैड शेरमेन और डेविड श्वीकर्ट ने भी समर्थन दिया है। इससे पहले रो खन्ना ने जुलाई में भी ऐसा ही एक प्रस्ताव पेश किया था। जिसे कांग्रेस के 300 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।