अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने कहा है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी ने बहुत कम समय में गहरी जड़ें जमा ली हैं और इस सहयोग से दोनों देशों में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
संधू ने कहा कि भारत के 1.3 अरब लोगों की विकास संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करने में अमेरिका एक अहम साझेदार है और मानवीय प्रयासों का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां दोनों देशों में आपसी सहयोग नहीं है।
संधू ने अमेरिकी ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित 2020 के प्राकृतिक गैस शिखर सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि आपसी रिश्तों के लिहाज से कुछ क्षेत्र हाल के वर्षों में ऊर्जा जैसे क्षेत्र महत्वपूर्ण बनकर उभरे हैं। शिखर सम्मेलन को अमेरिकी ऊर्जा मंत्री डैन ब्रोइलेट और व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय आर्थिक परिषद की निदेशक लैरी कुडलो ने भी संबोधित किया।
संधू ने कहा, यह जानकर खुशी होगी कि दो साल से कम अवधि में हमारी रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी ने गहरी जड़ें जमा ली हैं। भारत अब अमेरिकी कच्चे तेल के लिए चौथा सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार है और अमेरिकी एलएनजी के लिए पांचवां सबसे बड़ा बाजार है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के एजेंडे पर नए अध्यक्ष से मिले तिरुमूर्ति
यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि एवं राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष वोलकल बोजकिर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों राजनयिकों ने मौजूदा संयुक्त राष्ट्र महासभा के एजेंडे के मुद्दों पर चर्चा की। तिरुमूर्ति ने कहा, महासभा के नए अध्यक्ष बोजकिर से मुलाकात अच्छी रही जो विश्व निकाय के बहुत ही अहम समय में महासभा के मार्गदर्शन की जिम्मेदारी ले रहे हैं।