अफगानिस्तान में अमेरिकी दूतावास ने चेताया है कि कट्टरपंथी संगठन विभिन्न लक्ष्यों, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। दूतावास की ओर से जारी की गई इस चेतावनी में किसी संगठन का नाम नहीं लिया गया। यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की गई है जब तालिबान और अफगान सरकार पहली बार एक साथ बैठकर युद्ध का शांतिपूर्ण हल खोजने की कोशिश कर रहे हैं।
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने कहा, तालिबान का इस तरह के हमले करने का कोई इरादा नहीं है। वहीं दूतावास की ओर से जारी चेतावनी के अनुसार, कट्टरपंथी संगठन लगातार अफगानिस्तान में कई लोगों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। शिक्षकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, कार्यालय कर्मचारियों और सरकारी कर्मचारियों सहित महिलाओं और असैन्य श्रमिकों पर बड़ा खतरा है।
हालांकि दूतावास ने इस पर कोई विशिष्ट जानकारी नहीं दी है लेकिन यह सच है कि कतर की राजधानी में जारी वार्ता के दौरान ही अफगानिस्तान में बड़े हमलों को अंजाम दिया गया है।
अफगान शांति प्रयासों के चलते पाकिस्तान में बढ़े हमले
उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर हमले तेज कर दिए हैं। अफगानिस्तान में शांति प्रयास के चलते इसे अराजकता की वापसी के तौर पर देखा जा रहा है। मार्च के बाद से, अल-कायदा से जुड़े पाकिस्तानी तालिबान को अफगान शांति वार्ता के चलते सीमा के पार अपने पनाहगाह को खोने का डर सता रहा है।
इसलिए उन्होंने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमले तेज कर दिए हैं। इस्लामाबाद स्थित फाटा रिसर्च सेंटर के कार्यकारी निदेशक मंसूर खान महसूद ने कहा कि समूह की क्षमता और सैन्य ताकत बढ़ गई है।