यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के अस्थायी सदस्य के तौर पर भारत का दूसरा साल समेकन और प्राथमिकताओं के सुदृढ़ीकरण का समय होगा। उन्होंने कहा, भारत दिसंबर में परिषद की अध्यक्षता के साथ अपने कार्यकाल का समापन शानदार तरीके से करेगा। उन्होंने 2022 के लिए समिति की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की।
तिरुमूर्ति ने कहा, सुरक्षा परिषद में दो साल के अपने कार्यकाल के पहले वर्ष में भारत ने अफगानिस्तान और म्यांमार समेत कई मामलों पर ‘दृढ़ लेकिन रचनात्मक रुख’ अपनाया। उन्होंने कहा, हम जब परिषद में दूसरे साल के लिए भारत की योजनाओं की बात करते हैं, तो मेरा मानना है कि यह समेकन और हमारी प्राथमिकताओं के सुदृढ़ीकरण का समय होगा।
उन्होंने कहा, हम परिषद के भीतर विविध हितों के बीच पुल की एक भूमिका निभाना जारी रखेंगे। भारत 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है और इसका दो साल का कार्यकाल 13 दिसंबर, 2022 को समाप्त होगा। उन्होंने कहा, हम अफगानिस्तान के लोगों और संकट में उनके साथ खड़े रहने को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उनकी अपेक्षा पर भी ध्यान केंद्रित रखेंगे।
हूती कब्जे में सात भारतीयों की सुरक्षा पर भारत ने यूएनएससी में जताई चिंता
भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के झंडे वाले मालवाहक जहाज को यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा कब्जे में लेने के बाद जहाज पर सवार सात भारतीयों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई है। भारत ने जहाज और उसके चालत दल की तत्काल रिहाई का आह्वान किया है। रवाबी नामक इस जहाज को यमन के हूती विद्रोहियों ने दो जनवरी को हुदेदाह बंदरगाह से अपने कब्जे में लिया था।
भारतीय चालक दल को बंधक बनाए जाने पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, हम यमन में सैन्य अभियानों से बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा, पिछले कुछ हफ्तों से सना, मारिब और शबवा में भीषण झड़पें शांति की संभावनाओं को खतरे में डाल रही हैं। उन्होंने कहा, इस माह की शुरुआत में ही हुदेदाह के तट से यूएई के पोत को कब्जे में लेने से मौजूदा तनाव और अधिक बढ़ गया है।
हूतियों से चालक दल के सदस्यों को तुरंत रिहा करने का आग्रह करते हुए तिरुमूर्ति ने कहा, हूती विद्रोही भारतीय चालक दल को छोड़ने तक उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी लें। भारत ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र से मदद की गुहार लगाई है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसने चालक दल के सदस्यों से बात की है। जहाज पर चालक दल के कुल 11 सदस्य हैं, इनमें से सात भारतीय हैं।
यूएन ने चालक दल सदस्यों से बात की
हूती विद्रोहियों का कहना है कि इस जहाज पर घातक हथियार लदे हुए थे और लाल सागर से उसे पकड़ा गया था। जबकि सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया है कि जहाज पर मेडिकल का सामान लदा हुआ था। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि उसके सदस्यों ने गश्ती दल ने रवाबी जहाज को कुछ दूरी से देखा है और उसके चालक दल से बात की है।
जहाज चलाने वाली कंपनी के संपर्क में भारत
भारत ने कहा है कि वह इस जहाज को चलाने वाली कंपनी के साथ संपर्क में हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब यमन में सऊदी गठबंधन की ओर से सैन्य अभियान काफी तेज हो गया है। भारत ने यह भी कहा कि यमन में पूरी तरह से युद्धविराम लागू करने के बाद एक राजनीतिक प्रक्रिया को शुरू किया जाए जिसमें महिलाओं को भी अहम भूमिका दी जाए। यमन में साल 2011 से गृहयुद्ध चल रहा है।