भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक बना हुआ है। 2014-2018 की तुलना में 2019-2023 में इसके आयात में 4.7 फीसदी की वृद्धि हुई। स्वीडन के थिंक टैंक 'सिपरी' ने सोमवार को एक नई रिपोर्ट में यह दावा किया।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) ने कहा, "रूस भारत का मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। हालांकि, 1960-64 के बाद (सोवियत संघ के विघटन से पहले) यह पहली बार है जब भारत के हथियार आयात में रूस की हिस्सेदारी में 50 फीसदी की कमी आई है।"
थिंक टैंक ने कहा, "भारत दुनिया का शीर्ष हथियार आयातक देश बना हुआ है। इसका हथियार आयात 2014-2018 की तुलना में 2019-2023 में 4.7 फीसदी बढ़ा है।" रिपोर्ट में कहा गया, "हालांकि रूस अभी भी भारत का मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता (इसके हथियारों के आयात का 36 फीसदी हिस्सा) बना हुआ है।"
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने भी अपने हथियार आयात में (43 फीसदी) काफी वृद्धि की है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान 2019-23 में पांचवां सबसे बड़ा हथियार आयातक था। चीन इसके मुख्य हथियार आपर्तिकर्ता था। जो उसके हथियार आयात का 82 फीसदी बनाता है। वहीं, जापान (155 फीसदी) और दक्षिण कोरिया (6.5 फीसदी) का भी हथियारों का आयात बढ़ा है।
चीन के हथियारों के आयात में 44 फीसदी की कमी आई है। उसने अपने आयातित हथियारों को स्वदेशी रूप से विकसित हथियार प्रणालियों से बदलने का प्रयास किया है।
रिपोर्ट में कहा गया कि सऊदी अरब 2019-2023 के बीच दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक था। उसने इस अवधि में वैश्विक हथियारों का आयात 8.4 फीसदी बढ़ाया। 2019-2023 के बीच सऊदी अरब के हथियारों के आयात में 28 फीसदी की गिरावट आई। लेकिन 2014-18 में यह रिकॉर्ड स्तर पर था।
रिपोर्ट के मुताबिक, कतर ने 2014-18 की तुलना में 2019-23 में अपने हथियारों के आयात करीब चार गुना (396 फीसदी) की वृद्धि की। जिससे यह 2019-23 में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बन गया।