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Piyush Goyal: 'पहले आसान और जल्द फायदा दिलाने पर फोकस', भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर बोले पीयूष गोयल

Tue, 10 Jun 2025 02:41 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्न

सार

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में पहले आसान और त्वरित लाभ वाले मुद्दों पर सहमति बननी चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के साथ पहले चरण का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि भारत लचीले रुख के साथ मजबूत साझेदारी की ओर बढ़ रहा है।

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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक वार्ता की बात की। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं में पहले आसान और जल्दी फायदा दिलाने वाले मुद्दों पर सहमति बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि जटिल मुद्दों को बाद में हल किया जा सकता है, लेकिन नीचे लटक रहे फलों को पहले ही तोड़ लेना चाहिए ताकि तुरंत लाभ मिल सके।

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ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए समझौते का दिया उदाहरण
स्विट्ज़रलैंड के बर्न में पत्रकारों से बात करते हुए गोयल ने ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए पहले चरण के समझौते का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के व्यापार में बढ़ोतरी हुई है और अब बाकी विषयों पर चर्चा जारी है। उन्होंने बताया कि इसी तरह की पेशकश ब्रिटेन को भी की गई थी।

उन्होंने कहा कि भारत व्यापार समझौतों को लेकर लचीलापन बरत रहा है और धीरे-धीरे बढ़ते हुए मजबूत साझेदारी की ओर बढ़ना चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ हो रही वार्ताओं के ब्योरे प्रेस में साझा नहीं किए जाएंगे क्योंकि ये गोपनीय होती हैं।
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ये भी पढ़ें:- FTA: पीयूष गोयल ने कहा, चार यूरोपीय देशों के समूह के साथ मुक्त व्यापार समझौता सितंबर तक लागू होने की संभावना

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता
बता दें कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता 4 जून को शुरू हुई और 10 जून तक चलेगी। दोनों देशों के बीच यह बातचीत तकनीक, दवाइयों, रक्षा और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और व्यापार को प्रभावित कर सकती है।

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'भारत के अपने बिग फोर बनाने की तैयारी में सरकार'
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने आगे कहा कि भारत जल्द ही अपनी खुद की वैश्विक स्तर की चार बड़ी अकाउंटेंसी और कंसल्टिंग कंपनियां (Big Four) तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि भारत में डेलॉयट, पीडब्ल्यूसी, अर्न्स्ट एंड यंग और केपीएमजी जैसी विदेशी कंपनियों का दबदबा रहा है, लेकिन अब भारत की अपनी घरेलू कंपनियां इनसे प्रतिस्पर्धा करेंगी।

गोयल ने बताया कि पहले भारत में अकाउंटेंसी फर्मों के विलय की अनुमति नहीं थी और साझेदारी को लेकर सोच भी सीमित थी। लेकिन अब नियमों में बदलाव और सोच में परिवर्तन के कारण बड़े भारतीय फर्म उभरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अब लोग साझेदारी के लाभ समझने लगे हैं, और जल्द ही भारत की अपनी बिग फोर होंगी, बस इंतज़ार कीजिए।

भारत में निवेश के लिए भेदभाव-मुक्त माहौल
गोयल ने यह भी कहा कि भारत निवेश के लिए पूरी तरह से भेदभाव-मुक्त माहौल प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि जो विदेशी कंपनियां भारत में निवेश करती हैं, उन्हें भारतीय कंपनियों जैसा ही दर्जा मिलता है। उन्होंने अन्य देशों की तुलना में भारत को अधिक उदार और कारोबारी अनुकूल बताया।

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सितंबर तक एफटीए लागू होने की संभावना
इससे पहले पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और यूरोप के चार देशों वाले संगठन ईएफटीए के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) सितंबर 2025 से लागू हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच 10 मार्च 2024 को साइन हुआ था, जिसके तहत ईएफटीए देशों ने 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है। इसके बदले भारत ने स्विस घड़ियों, चॉकलेट, बिस्किट और कटे-तराशे हीरे जैसे उत्पादों पर ड्यूटी घटाने या पूरी तरह खत्म करने का वादा किया है।

गोयल ने बताया कि इस समझौते को इन सभी चार देशों की संसदों से मंजूरी मिल गई है। हालांकि, स्विट्जरलैंड में अभी 10 जुलाई तक आपत्ति दर्ज कराने की अवधि चल रही है, क्योंकि जुलाई-अगस्त वहां छुट्टियों का समय होता है।

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