'भारत के अपने बिग फोर बनाने की तैयारी में सरकार'
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने आगे कहा कि भारत जल्द ही अपनी खुद की वैश्विक स्तर की चार बड़ी अकाउंटेंसी और कंसल्टिंग कंपनियां (Big Four) तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि भारत में डेलॉयट, पीडब्ल्यूसी, अर्न्स्ट एंड यंग और केपीएमजी जैसी विदेशी कंपनियों का दबदबा रहा है, लेकिन अब भारत की अपनी घरेलू कंपनियां इनसे प्रतिस्पर्धा करेंगी।
गोयल ने बताया कि पहले भारत में अकाउंटेंसी फर्मों के विलय की अनुमति नहीं थी और साझेदारी को लेकर सोच भी सीमित थी। लेकिन अब नियमों में बदलाव और सोच में परिवर्तन के कारण बड़े भारतीय फर्म उभरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अब लोग साझेदारी के लाभ समझने लगे हैं, और जल्द ही भारत की अपनी बिग फोर होंगी, बस इंतज़ार कीजिए।
भारत में निवेश के लिए भेदभाव-मुक्त माहौल
गोयल ने यह भी कहा कि भारत निवेश के लिए पूरी तरह से भेदभाव-मुक्त माहौल प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि जो विदेशी कंपनियां भारत में निवेश करती हैं, उन्हें भारतीय कंपनियों जैसा ही दर्जा मिलता है। उन्होंने अन्य देशों की तुलना में भारत को अधिक उदार और कारोबारी अनुकूल बताया।
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सितंबर तक एफटीए लागू होने की संभावना
इससे पहले पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और यूरोप के चार देशों वाले संगठन ईएफटीए के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) सितंबर 2025 से लागू हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच 10 मार्च 2024 को साइन हुआ था, जिसके तहत ईएफटीए देशों ने 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है। इसके बदले भारत ने स्विस घड़ियों, चॉकलेट, बिस्किट और कटे-तराशे हीरे जैसे उत्पादों पर ड्यूटी घटाने या पूरी तरह खत्म करने का वादा किया है।
गोयल ने बताया कि इस समझौते को इन सभी चार देशों की संसदों से मंजूरी मिल गई है। हालांकि, स्विट्जरलैंड में अभी 10 जुलाई तक आपत्ति दर्ज कराने की अवधि चल रही है, क्योंकि जुलाई-अगस्त वहां छुट्टियों का समय होता है।