चीन सेनाएं नहीं हटाता है तो भारत भी सेना और साजोसामान में बढ़ोतरी से पीछे नहीं हटेगा। पीएम का दौरा उस वक्त हुआ है, जब चीन चाहता है कि भारत सीमा से सेनाएं पीछे हटाए और सड़क, पुल समेत ढांचा निर्माण रोक दे। वहीं, भारत चाहता है कि चीन एलएसी पर सैन्य गतिविधियां रोके और पूर्व स्थिति बहाल करे।
भारत अकेला नहीं है। अमेरिका ने भी कहा है कि वह यूरोप से सेनाएं हटाकर चीन के पूर्वी मोर्चे पर तैनात करेगा। अमेरिका ने यह फैसला एलएसी पर भारत-चीन में तनाव को देखते हुए लिया है। चीन हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर में दबदबा कायम करना चाहता है और उसका इन इलाकों में कई देशों से विवाद हैं।
इस वक्त चीन के खिलाफ दुनिया में आमराय बन रही है। पीएम का दौरा उस वक्त हुआ है, जब चीन ने दुनिया में कई मोर्चे एक साथ खोल रखे हैं। कोरोना के कारण चीन के खिलाफ वैसे ही पूरी दुनिया में आक्रोश है। उसने महामारी के बारे में सही समय पर न तो दुनिया को जानकारी दी और न ही सही आंकडे़ बताए। हांगकांग में दमनकारी कानून लागू करने के विरोध में अमेरिका ने कानून पारित कर चीन पर कई तरह की पाबंदी लगाई हैं। ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने हांगकांग के निवासियों को अपने दरवाजे खोल दिए हैं।