स्कॉटलैंड के ग्लासगो में संयुक्त राष्ट्र की जलवायु वार्ता शनिवार को संपन्न हो गई। ग्लोबल वार्मिंग कम करने और अपने-अपने देश को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए कई चरणों में बैठकें हुई। इस दौरान आयोजन के अध्यक्ष आलोक शर्मा ने कहा कि भारत-चीन को समझौते को नरम करने के अपने कदम के बारे में बताना होगा। साथ ही चीन और भारत को विकासशील देशों को यह समझाने की आवश्यकता होगी कि उन्होंने COP26 सम्मेलन में कोयले को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने के प्रयासों के लिए दबाव क्यों डाला।
कॉप-26 बैठक में कोयले पर भारत का प्रस्ताव मंजूर
ग्लास्गो में हुई कॉप-26 की बैठक में कोयले के इस्तेमाल कम करने के लक्ष्यों के साथ जलवायु समझौते को मंजूरी दे दी गई है। शनिवार देर रात तक चली बैठक के बाद भारत के प्रस्ताव पर मंजूरी दी गई। भारत ने विकासशील देशों की अगुआई करते हुए कोयले के इस्तेमाल खत्म करने और जीवाश्म ईंधन सब्सिडी हटाने के प्रस्ताव का पूरजोर विरोध किया। जिसके बाद कॉप ने अंतिम समय में इन मुद्दों को समझौते में शामिल किया।