पिछले महीने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सीट देने की मांग की थी। इमैनुएल मैक्रों ने कहा था कि 'फ्रांस, सुरक्षा परिषद के विस्तार के पक्ष में है और जर्मनी, जापान, भारत और ब्राजील को भी सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट को लेकर रूस ने भारत, ब्राजील और अफ्रीकी देशों को समर्थन दिया है। रूस के शीर्ष राजनयिक ने कहा कि वैश्विक बहुमत के लिए भारत, ब्राजील और अफ्रीकी देशों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट मिलनी चाहिए।
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एक इंटरव्यू के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत, ब्राजील जैसे देशों के साथ-साथ अफ्रीका के प्रतिनिधियों को भी सुरक्षा परिषद में स्थायी आधार पर होना चाहिए। वैश्विक बहुमत का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है।
दरअसल भारत सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए वर्षों से अभियान चला रहा है। भारत का कहना है कि साल 1945 में स्थापित 15-राष्ट्रों की परिषद 21वीं सदी के उद्देश्य के लिए सही नहीं है और समकालीन भू-राजनीतिक परिस्थितियों को प्रतिबिंबित नहीं करती है। एक ध्रुवीकृत सुरक्षा परिषद वर्तमान शांति और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भी विफल रही है। भारत ने सुरक्षा परिषद की विफलता का उदाहरण देते हुए रूस-यूक्रेन युद्ध और इस्राइल-हमास संघर्ष का जिक्र किया। भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट का हकदार है।
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पिछले महीने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सीट देने की मांग की थी। इमैनुएल मैक्रों ने कहा था कि 'फ्रांस, सुरक्षा परिषद के विस्तार के पक्ष में है और जर्मनी, जापान, भारत और ब्राजील को भी सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होना चाहिए। साथ ही अफ्रीका से भी दो देशों को इसमें प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।'
अमेरिका भी भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट देने का समर्थन कर चुका है। बीते दिनों ही संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी की राजदूत लिंडा थॉमस ने भी अपने एक बयान में कहा था कि भारत, जापान और जर्मनी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट दी जानी चाहिए। अमेरिकी राजदूत ने अफ्रीका के दो देशों को भी स्थायी सीट देने का समर्थन किया और अन्य अफ्रीकी देशों को सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता देने की वकालत की थी।