भारत के लिए जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे लिंडनर ने रविवार को कहा कि अफगानिस्तान में हालात से संबंधित मुद्दों पर भारत और जर्मनी लगभग समान विचार रखते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस संबंध में दोनों देश जल्द ही नजदीकी सहयोग की शुरुआत करेंगे।
कोरोना रोधी टीके कोवाक्सिन को लेकर उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ से इसे मान्यता मिलने के बाद हम देखेंगे कि क्या हम इसे मान्यता दे सकते हैं। अभी इसे मान्यता नहीं है। जो लोग कोवाक्सिन लेकर यात्रा कर रहे हैं, उन्हें क्वारंटीन होना होगा और जर्मनी में जांच करानी होगी।
जर्मनी के एकीकरण की 31वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में राजदूत ने कहा, भारत की अफगानिस्तान महत्वपूर्ण भूमिका है। वह वहां कई विकास परियोजनाओं में शामिल है। जर्मनी भी वहां पिछले 20 साल से सक्रिय है। हम लगभग एक जैसे सिद्धांत साझा करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने नई दिल्ली के पहाड़गंज में स्थित प्रतिष्ठित शीला थिएटर में एक दीवार पर एक प्रतीकात्मक पेंटिंग का अनावरण किया। इस पेंटिंग में भारत और जर्मनी के बीच की मित्रता को दर्शाया गया है।
लिंडनर ने आगे कहा कि दोनों देशों (भारत और जर्मनी) ने अफगानिस्तान में पिछली सरकार का समर्थन किया था। इसके साथ ही हमने उसकी इसे लेकर भी मदद की थी कि वह आगे बढ़ सके और देश में स्थितियों को, खास तौर पर महिलाओं के लिए, और बेहतर कर सके।