अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी में चल रही अंदरूनी लड़ाई में पहला दौर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोधियों के पक्ष में गया है। लेकिन जानकारों का कहना है कि जमीन पर जो हालात हैं, उसे देखते हुए ट्रंप और उनके समर्थकों को पराजित समझ लेना गलती होगी। पार्टी एस्टैबलिशमेंट कहे जाने वाले धड़े की जीत निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच हुई है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में पूर्व राष्ट्रपति और उनकी खास समर्थक मरजोरी ग्रीन की लोकप्रियता कायम है।
बुधवार रात (भारतीय समय के अनुसार) कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में पार्टी के नेता का चुनाव हुआ। इसमें पार्टी एस्टैबलिशमेंट धड़े की उम्मीदवार लिज चेनी 61 के मुकाबले 145 वोटों से जीत गईं। चेनी पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन कर रही हैं। व्हाइट हाउस से विदाई के बाद सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के नेता मिच मैकॉनेल भी उनके खिलाफ हो गए हैं। वे अब ट्रंप विरोधी धड़े के नेता समझे जा रहे हैं।
लेकिन ताजा सर्वे से सामने आया है कि ट्रंप समर्थक सदस्य और षड्यंत्र के सिद्धांतों को फैलाने वाले गुट क्यूएनॉन से जुड़ी मारजोरी टेलर ग्रीन पार्टी के अंदर लिज चेनी के मुकाबले बहुत लोकप्रिय हैं। ये वेबसाइट एक्सियोस.कॉम की तरफ से एजेंसी सर्वेमन्की ने किया। मारजोरी ग्रीन को हाउस की सभी कमेटियों से हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इस पर गुरुवार को मतदान होगा। इस मतदान में रिपब्लिकन पार्टी के कितने सदस्य ग्रीन के खिलाफ मतदान करते हैं, पर्यवेक्षकों की निगाह इसे देखने के लिए टिकी हुई हैं।
मारजोरी ग्रीन पर आरोप है कि उन्होंने षड्यंत्र की कहानियों के पक्ष में भाषण दिए हैं। साथ ही उन्होंने ऐसी ऑनलाइन अपीलें की हैं, जिनमें डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के खिलाफ हिंसा की अपील की गई थी। बीते सोमवार को ग्रीन ने ये कहा था कि वे जल्द ही फ्लोरिडा राज्य में पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के निवास पर जाकर उनसे मुलाकात करेंगी। उसके पहले उन्होंने दावा किया था कि ट्रंप ने उन्हें फोन किया और हाउस कमेटियों से निकालने की चल रही मुहिम के खिलाफ उन्हें अपना समर्थन दिया।
विश्लेषकों का कहना है कि मारजोरी ग्रीन का मामला असल में रिपब्लिकन पार्टी के भविष्य की दिशा से जुड़ा है। अगर उन्हें हाशिये पर डालने की डेमोक्रेटिक पार्टी की मुहिम कामयाब हो गई, तो इसे रिपब्लिकन पार्टी के ऐस्टैबलिशमेंट धड़े की भी जीत समझा जाएगा। वरना, ट्रंप की धारा पार्टी में मजबूत बनी रहेगी। मिच मैकॉनेल और ऐस्टैबलिशमेंट धड़े से जुड़े नेता अब ट्रंप और उनकी राजनीतिक शैली को पार्टी के लिए बोझ मान रहे हैं। उन्हें खास चिंता कुछ बड़ी कंपनियों की इस धमकी की है कि रिपब्लिकन पार्टी के जो नेता 2020 के राष्ट्रपति चुनाव नतीजे पर सवाल उठाते रहेंगे, उन्हें वे चंदा नहीं देंगी। ट्रंप समर्थक अभी भी लगातार जो बाइडन की जीत को अवैध बता रहे हैँ।
दूसरी तरफ ट्रंप समर्थक नेताओं की राय है कि ऐस्टैबलिशमेंट धड़ा अपनी ताकत को असलियत से अधिक बढ़ा-चढ़ा कर देख रहा है। जबकि पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच ट्रंप की लोकप्रियता के सामने मिच मैकॉनेल या किसी दूसरे नेता की कोई हैसियत नहीं है। ये बात लगातार जनमत सर्वेक्षणों से भी पुष्ट हो रही है। पिछले हफ्ते इकॉनमिस्ट- यूगोव सर्वे में रिपब्लिकन पार्टी के 81 फीसदी समर्थकों ने ट्रंप को लेकर अच्छी राय जताई। आम लोगों के बीच भी 41 फीसदी लोगों ने ट्रंप के बारे में सकारात्मक राय व्यक्त की। जबकि मिच मैकॉनेल के लिए अनुकूल राय रखने वाले रिपब्लिकन समर्थकों की संख्या सिर्फ 27 फीसदी रही।
इसीलिए पर्यवेक्षकों की राय है कि हाउस या सीनेट के भीतर भले ट्रंप समर्थक फिलहाल कमजोर पड़ते दिखते हों, लेकिन जमीन पर उनकी ताकत बनी हुई है। उनके मुताबिक 2022 में जब संसदीय चुनाव होंगे, तब एक बार फिर ट्रंप समर्थकों की ताकत जाहिर हो जाएगी।