संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 50 मिनट भाषण दिया। अपने भाषण मे उन्होंने कश्मीर राग अलापा और दुनिया को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। इस दौरान जब खान भारत पर कश्मीर में दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा रहे थे। उसी दौरान बलोच के लोग हाथों में पोस्टर लिए बलोचिस्तान को आजाद करो की वकालत कर रहे थे।
बड़े-बड़े अक्षरों में एक पोस्टर्स पर लिखा था, 'संयुक्त राष्ट्र को बलोचिस्तान में मानवाधिकारों के हनन को खत्म करने में मदद करनी चाहिए', 'जस्टिस फॉर बलोच', 'बलोच की जिंदगी भी मायने रखती है'। ठीक इसी समय पारंपरिक ड्रेस पहने हुए भारतीय अमेरिकी लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएनजीए में दिए भाषण को लेकर खुशी मना रहे थे।
अपने 17 मिनट के भाषण में मोदी ने पाकिस्तान या इमरान का नाम नहीं लिया लेकिन खान ने कई बार भारत और मोदी के नाम का जिक्र किया। एक भारतीय अमेरिकी मेडिकल प्रैक्टिशनर भारत बराई ने कहा, 'मोदी हाई प्रोफाइल, अच्छे व्यवहार वाले और जेंटलमैन लग रहे थे।'
न्यूयॉर्क में कुछ दिनों से पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। दो ट्रक भरकर बिलबोर्ड बनाए गए हैं जिसमें पाकिस्तान द्वारा बलोच पर किए जा रहे अत्याचारों की दास्तां बताई गई है। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मोहाजिरों ने होटल के बाहर चुपचाप अपना विरोध दर्ज कराया।
वाशिंगटन डीसी में पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों के संगठनों के लॉबिस्ट पुनीत अहलूवालिया ने कहा, हमारी मंशा पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले अत्याचार को रेखांकित करना था। साथ ही अपनी अल्पसंख्यक आबादी के साथ दुर्व्यवहार करने वाले देशों को जवाबदेह बनाना था।
संगठन ने पाकिस्तान सरकार द्वारा स्थापित जांच आयोग का हवाला देते हुए कहा कि 2014 से बलोच लोगों के लिए लापता होने के 5,000 मामले दर्ज किए गए हैं। जिसमें से ज्यादातर मामले अनसुलझे हैं। स्वतंत्र और अतंरराष्ट्रीय मानवाधिकार के अनुसार यह संख्या और ज्यादा है। केवल बलोचिस्तान से 20,000 लोगों को अगवा किया गया है।