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Imran Khan: इमरान खान की चेतावनी- अगर मैं नहीं, तो फिर तीन टुकड़ों में बंटेगा पाकिस्तान! घबराई सेना

Thu, 02 Jun 2022 05:31 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

इमरान खान ने कहा- ‘पाकिस्तान डिफॉल्ट करने (कर्ज चुकाने में अक्षम होने) जा रहा है। अगर यह हुआ तो उसका सबसे ज्यादा असर किस संस्था पर पड़ेगा? यह सेना होगी। डिफॉल्टर होने पर बाहरी देश हमसे क्या रियायत मांगेंगे? वे हमसे परमाणु हथियारों को खत्म करने को कहेंगे...
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इमरान खान रैली - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान एक तरफ अपने ‘आजादी मार्च’ फिर शुरू करने के अपने एलान से पीछे हटते दिख रहे हैं, वहीं उन्होंने बेहद हमलावर अंदाज में देश के तीन हिस्सों में टूट जाने की चेतावनी दी है। पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के ‘आजादी मार्च’ को अचानक स्थगित करते हुए उन्होंने सरकार को नए चुनाव का एलान करने के लिए छह दिन की समय सीमा दी थी। ये समय सीमा बीते मंगलवार को गुजर गई है, लेकिन इमरान ने ‘आजादी मार्च’ के नए कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है।

परमाणु हथियार खत्म करने का खतरा

वहीं बुधवार को खान ने ‘इस्टैब्लिशमेंट’ को चेतावनी दी कि अगर इस मौके पर उसने सही निर्णय नहीं लिया, तो पाकिस्तान तीन हिस्सों में टूट जाएगा। पाकिस्तान में आम तौर पर सेना और खुफिया एजेंसियों को ‘इस्टैब्लिशमेंट’ के नाम से जाना जाता है। समझा जाता है कि वहां देश की असल सत्ता ‘इस्टैब्लिशमेंट’ के ही हाथ में है। एक प्राइवेट टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा- ‘मैं यह लिख कर दे सकता हूं कि अगर इस्टैब्लिशमेंट ने सही फैसला नहीं किया, तो सेना बर्बाद हो जाएगी। इसलिए अगर देश दिवालिया हो गया, तो फिर वह क्या करने की हालत में बचेगी?’

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अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए इमरान खान ने कहा- ‘पाकिस्तान डिफॉल्ट करने (कर्ज चुकाने में अक्षम होने) जा रहा है। अगर यह हुआ तो उसका सबसे ज्यादा असर किस संस्था पर पड़ेगा? यह सेना होगी। डिफॉल्टर होने पर बाहरी देश हमसे क्या रियायत मांगेंगे? वे हमसे परमाणु हथियारों को खत्म करने को कहेंगे। भारत के थिंक टैंक अलग बलूचिस्तान बनाने की बात कर रहे हैं। उनके पास ऐसा करने करने की योजना है। इसलिए मैं दबाव बनाए हुए हूं।’

सरकार को अपराधी बता रहे हैं इमरान

लेकिन फिर से ‘लोगों के समंदर’ को इस्लामाबाद लाने की अपनी घोषणा पर फिलहाल इमरान खान पीछे हटते हुए दिख रहे हैं। बुधवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि पीटीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कर ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन’ की इजाजत मांगी है। उन्होंने कहा कि इस याचिका पर सुनवाई के बाद ही वे ‘आजादी मार्च’ के अगले कार्यक्रम की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा- ‘हम इस सवाल पर सुप्रीम कोर्ट का संरक्षण चाहते हैं, क्या हमें शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जताने का अधिकार है। साथ ही हम यह जानना चाहते हैं कि क्या सुप्रीम कोर्ट इन अपराधियों को महिलाओं और बच्चों को यातना देने की इजाजत देगा।’ इमरान खान सत्ताधारी पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के नेताओं को लगातार अपराधी कह कर संबोधित करते रहे हैं।  

पर्यवेक्षकों के मुताबिक हालांकि इमरान खान अपनी तीखी जुबान से सरकार पर दबाव बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन संभवतः उन्होंने फिलहाल उस पर दबाव ना बढ़ाने का मन बनाया है। ऐसा शायद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से सरकार की चल रही वार्ता के कारण किया है। ये आम समझ है कि अगर देश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने के संकेत मिले, तो आईएमएफ कर्ज की अगली किस्तें देने से इनकार कर देगा। अगर आईएमएफ से पाकिस्तान को तुरंत सहायता नहीं मिली, तो इस महीने के अंत तक उसे डिफॉल्टर होने की नौबत पैदा हो सकती है।

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