'डॉन न्यूज' के साथ एक इंटरव्यू में पीटीआई नेता असद कैसर ने कहा, "अगर पार्टी को हालिया संगठनात्मक चुनाव के बाद अपना क्रिकेट बैट का चुनाव चिह्न वापस मिल जाता है तो दोनों पार्टियों का विलय हो जाएगा और पीटीआई बनी रहेगी।" एसआईसी पाकिस्तान में इस्लामी राजनीतिक और बरेलवी धार्मिक दलों का संगठन है। आठ फरवरी को हुए आम चुनाव में पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने 90 से ज्यादा सीट पर जीत दर्ज की। बाद में ये निर्दलीय सदस्य एसआईसी में शामिल हो गए।
यह पूछे जाने पर कि क्या एसआईसी में विलय के बाद पीटीआई बनी रहेगी, उन्होंने कहा, हां, हम बने रहेंगे लेकिन हम इसके साथ विलय भी करेंगे। उन्होंने बताया कि अगर पार्टी को हाल के अंदरूनी चुनावों के बाद अपना चुनाव चिह्न वापस मिल जाता है, तो एसआईसी का हिस्सा होने के बजाय दोनों पार्टियों का विलय हो जाएगा और पीटीआई बनी रहेगी।
पिछले साल दिसंबर में चुनाव आयोग (ईसीपी) ने पीटीआई के आंतरिक चुनाव को खारिज कर दिया था। इसके बाद इस महीने की शुरुआत में पीटीआई ने घोषणा की थी कि दोबारा हुए आंतरिक चुनाव गौहर अली खान को फिर पार्टी का अध्यक्ष चुना गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई में पिछले दो साल में यह तीसरा आंतरिक चुनाव था। इसने जून 2022 में भी चुनाव कराए थे, जिसे ईसीपी ने पिछले साल 23 नवंबर को रद्द कर दिया था। उनसे जब पूछा गया कि क्या इस तरह की व्यवस्था को कानूनन अनुमति दी जाएगी, कैसर ने कहा कि इसके लिए वह कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं।