शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से पहले इस्लामाबाद में हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने पाकिस्तान की शहबाज सरकार की नींद उड़ा दी थी। यहां तक कि मुख्य विपक्षी दल के सैकड़ों समर्थकों को गिरफ्तार तक किया गया था। हालांकि, मंगलवार को यहां की सरकार के लिए राहत भरा रहा। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने अपना विरोध-प्रदर्शन वापस ले लिया क्योंकि एससीओ के सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों की परिषद (सीएचजी) की 23वीं बैठक यहां कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो रही है।
इन मुद्दों पर होगी बैठक में चर्चा
पाकिस्तान आज से शुरू होने वाली दो दिवसीय एससीओ काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट (सीएचजी) की बैठक की मेजबानी कर रहा है। पिछले साल अक्तूबर में बिश्केक में हुई बैठक में इस्लामाबाद ने एससीओ सीएचजी की अध्यक्षता ग्रहण की थी। सीएचजी बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ करेंगे। दो दिवसीय बैठक में अर्थव्यवस्था, व्यापार, पर्यावरण और सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों के क्षेत्र में चल रहे सहयोग पर चर्चा की जाएगी और संगठन के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी।
11 साल बाद चीनी पीएम पाकिस्तान पहुंचे
पाकिस्तान में आयोजित होने जा रहे शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग पहुंच गए हैं। यह 11 वर्षों में किसी चीनी प्रधानमंत्री की पहली पाकिस्तान यात्रा है और यह ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी नागरिकों पर हाल में हमलों में वृद्धि हुई है।
यह लोग भी रहेंगे मौजूद
इसके अलावा, बेलारूस के प्रधानमंत्री रोमन गोलोवचेंको, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओल्जास बेक्टेनोव, रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन, ताजिक प्रधानमंत्री कोहिर रसूलजोदा, उज़्बेक प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अरिपोव, किर्गिस्तान के मंत्री मंत्रिमंडल के अध्यक्ष झापारोव अकिलबेक, ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर भाग ले रहे हैं।
PTI समर्थकों ने इस शर्त पर लिया विरोध वापस
अशांति का खतरा तब टल गया जब पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने कल रात राजधानी में अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने पर सहमति जताई। ऐसा सरकार के इस आश्वासन के बाद हुआ कि जेल में बंद उनके नेता 72 वर्षीय इमरान खान से एक मेडिकल टीम को मिलने की अनुमति दी जाएगी।
क्यों किया था विरोध का एलान?
दरअसल, एससीओ बैठक से पहले अधिकारियों ने रावलपिंडी की अदियाला जेल में खान सहित कैदियों के साथ सभी प्रकार की मुलाकातों पर रोक लगा दिया था। ऐसे में पीटीआई समर्थकों ने जेल में बंद इमरान खान से मुलाकात की अनुमति देने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए विरोध-प्रदर्शन का एलान किया था। हालांकि, सोमवार देर रात विरोध-प्रदर्शन को तब पीटीआई समर्थकों ने वापस ले लिया, जब सरकार ने एक डॉक्टर को खान को देखने के लिए अनुमति दे दी।
क्या बोले पीटीआई के प्रवक्ता?
खान के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने एक व्हाट्सएप संदेश में कहा, 'लंबे विचार और बातचीत के बाद हमने विरोध प्रदर्शन को वापस लेने का फैसला किया है। पीटीआई ने अपने राजनीतिक सहयोगियों और मित्र दूतावासों से भी विरोध-प्रदर्शन को टालने का आग्रह किया है।'
उन्होंने हालांकि अंतरराष्ट्रीय समारोह के मौके पर प्रदर्शन करने के अधिकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय नियम है क्योंकि दुनियाभर में ऐसे मौकों पर प्रदर्शन होते हैं।
सरकार ने बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए
इससे पहले सरकार ने किसी भी तरह के विरोध से सख्ती से निपटने की चेतावनी दी थी। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और करीब 10,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। अर्धसैनिक रेंजर और सेना के नियमित जवान भी तैनात हैं। सरकार ने सम्मेलन के दौरान किसी भी परेशानी से बचने के लिए राजधानी और पड़ोसी रावलपिंडी में तीन दिवसीय आधिकारिक अवकाश की घोषणा की है। दोनों शहरों में सभी सभाओं को गैरकानूनी घोषित करने के लिए धारा 144 भी लगाई गई है।