जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने चुनाव में धांधली के खुलासे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त और मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है। पीटीआई की यह मांग पाकिस्तान के पूर्व अधिकारी के उस खुलासा के बाद सामने आई है, जिसमें पूर्व अधिकारी ने दावा किया था कि आम चुनाव में धांधली हुई। दरअसल रावलपिंडी के पूर्व कमिश्नर लियाकत अली छत्ता ने शनिवार को दावा किया रावलपिंडी में चुनाव में हार रहे उम्मीदवारों को जिताया गया।
पूर्व अधिकारी के दावे से भड़की पीटीआई
छत्ता ने दावा किया कि रावलपिंडी में ही 13 हार रहे उम्मीदवारों को जिताया गया। छत्ता ने धांधली की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। पूर्व अधिकारी के दावे से पाकिस्तान की राजनीति में उबाल आ गया है। पीटीआई ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है और विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। साथ ही धांधली को रोकने में नाकाम रहने पर मुख्य चुनाव आयुक्त और मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग की है।
'जनादेश चोरी किया गया'
पीटीआई ने बयान जारी कर कहा कि 'मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा और मुख्य न्यायाधीश जस्टिस काजी फैज इसा इस्तीफा दें। छत्ता ने पीटीआई के दावे को सही बताया कि किस तरह से जनादेश चोरी किया गया। पीटीआई के निर्दलीय उम्मीदवारों की 70 हजार से ज्यादा वोटों की जीत को हार में बदल दिया गया। लोगों ने पीटीआई के निर्दलीय उम्मीदवारों को बड़ी संख्या में वोट दिया, लेकिन पीटीआई के बहुमत को एक रात में अल्पमत में बदल दिया गया।'
पीपीपी ने भी की जांच की मांग
पीटीआई ने मांग की कि चुनाव आयोग नेशनल असेंबली में उनकी चुराई गई 86 सीटों को वापस करे और धांधली में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्टी ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी। वहीं बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टी पीपीपी ने छत्ता के आरोपों की जांच की मांग की है। नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएलएन ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और छत्ता की मानसिक स्थिति पर ही सवाल उठाए।