आज से करीब चार दशक पहले जब बॉल टेंपरिंग आम बात थी, तब इमरान खान की गेंदों को छूना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं था। लेकिन अब जब इस पर प्रतिबंध लग चुका है, तो इमरान खान ने गेंद से छेड़छाड कर दी। हालांकि, इस बार उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया और सजा के तौर पर अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने का आदेश दे दिया। आज इस अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ और साफ हो गया कि इमरान भी पाकिस्तान के बाकी प्रधानमंत्रियों की तरह पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे। हालांकि, इमरान का साफ कहना है कि वे सरकार में रहें या न रहें, लोगों को प्रभावित करने के लिए राजनीति में बने रहेंगे। इसी के साथ उन्होंने अपना वक्तव्य- मैं आखिरी बॉल तक खेलूंगा भी दोहराया है। ऐसे में 10 साल तक पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बने रहने और वर्ल्ड कप जीत के हीरो इमरान खान सियासत की सियासत को समझने के लिए जानते हैं कि इमरान ने कैसे क्रिकेट के मैदान से संसद तक का सफर तय किया और कैसे राजनीति में जुझारुपन दिखाया...